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फ्री सिमकार्ड देने के नाम पर 20 हजार की टप्पेबाजी
Updated Sun, 07 Oct 2018 12:57 AM IST
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घाटमपुर (कानपुर)। शुक्रवार को सजेती थानाक्षेत्र के गांव मिश्रापुर (चितौली) निवासी एक मजदूर को अपने जाल में फंसाकर उसके और उसकी पत्नी के खाते से 20 हजार रुपये की आनलाइन खरीददारी कर ली। जानकारी होने पर मजदूर ने पुलिस में मामले की तहरीर दी है। थाने में अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
देवप्रकाश ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पेट पालन करता है। बताया कि शुक्रवार की दोपहर चौपहिया वाहन से तीन युवक उसके गांव आए। खुद को एक मोबाइल कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को फ्री में सिमकार्ड देने की बात कही। उन्होंने देवप्रकाश को अपनी बातों में फंसाकर सिम लेने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद उसका और उसकी पत्नी के आधारकार्ड मंगवाए और फोटोकापी लेने के साथ ही दोनों के अंगूठों की बायोमेट्रिक छाप ली और उनको एक सिमकार्ड भी थमाया लेकिन, मोबाइल पर डालने में वह काम नहीं कर रहा था।
जिस पर युवकों ने यह कहते हुए कि तकनीकी खराबी से यह सिम काम नहीं कर रहा है, वापस ले लिया और अगले दिन आकर दूसरा सिम देने की बात कहकर गांव से चले गए। देवप्रकाश ने बताया कि इसके कुछ देर बाद ही उसके और उसकी पत्नी सोमवती के बैंक खातों से 10-10 हजार रुपये की आनलाइन खरीददारी कर ली गई। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद जानकारी हुई। देवप्रकाश ने बताया कि वह रिपोर्ट लिखाने सजेती थाने पहुंचा तो बताया गया कि एसओ वीवीआईपी ड्यूटी में गए हैं। उनके आने पर रिपोर्ट लिखी जाएगी।
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बता दें कि इसी तरह दो दिन पहले साइबर ठगों ने सजेती थानाक्षेत्र के गांव अनुइया (कोहरा) निवासी एक किसान को भी अपना शिकार बनाया फोन से उसके एटीएम कार्ड की ओटीपी पूछकर आनलाइन खरीददारी के जरिये 48500 रुपये पार कर दिए।
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देवप्रकाश ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पेट पालन करता है। बताया कि शुक्रवार की दोपहर चौपहिया वाहन से तीन युवक उसके गांव आए। खुद को एक मोबाइल कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को फ्री में सिमकार्ड देने की बात कही। उन्होंने देवप्रकाश को अपनी बातों में फंसाकर सिम लेने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद उसका और उसकी पत्नी के आधारकार्ड मंगवाए और फोटोकापी लेने के साथ ही दोनों के अंगूठों की बायोमेट्रिक छाप ली और उनको एक सिमकार्ड भी थमाया लेकिन, मोबाइल पर डालने में वह काम नहीं कर रहा था।
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जिस पर युवकों ने यह कहते हुए कि तकनीकी खराबी से यह सिम काम नहीं कर रहा है, वापस ले लिया और अगले दिन आकर दूसरा सिम देने की बात कहकर गांव से चले गए। देवप्रकाश ने बताया कि इसके कुछ देर बाद ही उसके और उसकी पत्नी सोमवती के बैंक खातों से 10-10 हजार रुपये की आनलाइन खरीददारी कर ली गई। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद जानकारी हुई। देवप्रकाश ने बताया कि वह रिपोर्ट लिखाने सजेती थाने पहुंचा तो बताया गया कि एसओ वीवीआईपी ड्यूटी में गए हैं। उनके आने पर रिपोर्ट लिखी जाएगी।
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बता दें कि इसी तरह दो दिन पहले साइबर ठगों ने सजेती थानाक्षेत्र के गांव अनुइया (कोहरा) निवासी एक किसान को भी अपना शिकार बनाया फोन से उसके एटीएम कार्ड की ओटीपी पूछकर आनलाइन खरीददारी के जरिये 48500 रुपये पार कर दिए।