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72 हजार केस्को उपभोक्ताओं को झटका
अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 27 May 2015 02:55 AM IST
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जिन उपभोक्ताओं के बिजली मीटर खराब है, उन्हें अब 140 से 342 रुपये तक अधिक बिल भुगतान करना पड़ेगा। केस्को ने अनुमानित (आईडीएफ) बिलिंग, एक किलोवाट के कनेक्शन पर 120 यूनिट से बढ़ाकर 155 और दो किलो वाट के कनेक्शन पर 240 यूनिट से बढ़ाकर 310 यूनिट कर दी हैं। अब इसी आधार पर बिजली बिल बनाए जा रहे हैं। यह बढ़ोत्तरी एक अप्रैल से लागू हो चुकी है। इस बढ़ोत्तरी से गरीब उपभोक्ता भी प्रभावित होंगे, क्योंकि एक किलोवाट के ज्यादातर कनेक्शन बीपीएल कार्डधारकों के हैं।
केस्को की लिस्ट में ऐसे 71 हजार 857 उपभोक्ता हैं जिनके मीटर खराब होने पर अनुमान के आधार पर (आईडीएफ) बिल तैयार होते हैं। यदि इनके मीटर बदल दिए गए होते तो उन्हें अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ता। केस्को तर्क देता है कि कुछ कंज्यूसर्म के यहां लगे मीटर तो वास्तव में खराब हैं लेकिन ज्यादातर उपभोक्ता अपना मीटर खराब दिखाते हुए अनुमानित बिलिंग चालू करा लेते हैं। इससे हर माह एक तय राशि की ही बिलिंग होने लगती है और उपभोक्ता मनमानी बिजली प्रयोग करता है। अनुमानित बिलिंग वाले उपभोक्ता तर्क देते हैं कि केस्को को यह खेल मालूम है तो वह सभी खराब मीटर बदलवा क्यों नहीं देता है ? गलती केस्को की है और अनुमानित बिलिंग का नुकसान उपभोक्ता का हो रहा है। करीब तीन साल पहले केस्को एक किलोवाट के कनेक्शन पर 80 यूनिट अनुमानित बिलिंग करता था। तत्कालीन केस्को एमडी एसएन वाजपेयी ने इसे 80 से बढ़ाकर 120 यूनिट प्रति माह और दो किलो वाट पर 180 यूनिट से बढ़ाकर 240 यूनिट कर दी थी। अब एक बार फिर उपभोक्ताओं को बढ़ोत्तरी का करंट लगाया गया है।
इस बढ़ोत्तरी को इस तरह से समझ सकते हैं-
इनसेट-
इस तरह बदल गया दो किलो वाट का अनुमानित बिल
पहले-
प्रति माह यूनिट-240
पहली 150 यूनिट का चार्ज चार रुपये प्रति यूनिट-600 रुपये
बाकी 90 यूनिट का चार्ज 4.50 रुपये प्रति यूनिट-405 रुपये
फिक्स चार्ज 75 रुपये प्रति केवी से दो केवी का-150 रुपये
बिल राशि 1155 रुपये पर पांच प्रतिशत टैक्स-57.75 रुपये
1155 रुपये पर रेगुलेटरी सरचार्ज 2.3 प्रतिशत-27.89 रुपये
बिल की कुल राशि-1242.64 रुपये
------
अब-
प्रति माह यूनिट-310
पहली 150 यूनिट का चार्ज चार रुपये प्रति यूनिट-600 रुपये
बाकी 150 यूनिट का चार्ज 4.50 रुपये प्रति यूनिट-675 रुपये
तीन सौ यूनिट के बाद बचे 10 यूनिट का चार्ज पांच रुपये प्रति यूनिट-50 रुपये
फिक्स चार्ज 75 रुपये प्रति केवी से दो केवी का- 150 रुपये
बिल राशि 1475 रुपये पर पांच प्रतिशत टैक्स- 73.75 रुपये
1475 रुपये पर रेगुलेटरी सरचार्ज 2.3 प्रतिशत- 35.62 रुपये
बिल की कुल राशि-1548.37 रुपये
------
समझिए अपने बिल पर लिखी भाषा
आईडीएफ-इंस्टूमेंट डिफेक्टिव : मीटर खराब होना
आरडीएफ-रीडिंग डिफेक्टिव : रीडिंग सही न आना
एडीएफ-एक्यूड डिफेक्टिव : मीटर नहीं देखा, घर बंद
एनआर-नो रीडिंग : मीटर की रीडिंग नहीं ली गई
एनए-नॉट एवलेबिल : मीटर देखने को नहीं मिला
एमयू-मीटर यूनिट : मीटर की रीडिंग
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अनुमानित बिलिंग की स्थिति
बिजलीघर-3846, फूलबाग-3574, जरीब चौकी-4861, नवाबंगज-1433, आलूमंडी-1665, दादानगर-428, गुमटी-557, रतनपुर-2432, बर्रा विश्व बैंक-5585, गोविंद नगर-7909, जाजमऊ-2351, हैरिसगंज-5650, किदवई नगर-4534, नौबस्ता-7971, देहलीसुजानपुर-8590, कल्याणपुर-6115, विकास नगर-1552, सर्वोदय नगर-1576। कुल-70628। इसके अलावा पांच किलो वाट के ऊपर के-1228।
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कुल-71857 कंज्यूमर्स को अनुमानित बिल दिए जाते।
--
कोट्स-
आईडीएफ (अनुमानित) बिलिंग आम कंज्यूमर्स की बिलिंग के हिसाब से नियामक आयोग के आदेश पर बढ़ाई गई है। ज्यादातर कंज्यूमर्स कम अनुमानित बिलिंग का फायदा लेते हुए मनमानी बिजली प्रयोग करते थे। इसी कारण अपने मीटर नहीं बदलवाते थे। अब बढ़े हुए बिल पहुंचने पर मीटर बदलवाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं।
-आरडी पांडेय, अधिशाषी अभियंता मुख्यालय
-
इस समय मीटर की कमी है। 40 हजार मीटर का आर्डर दिया गया है। इसमें से 10 हजार मीटर अगले महीने आ जाएंगे। वैसे भी अब 15-20 दिन में बिजलीघर में तीन प्राइवेट कंपनियों के रिटेल आउटलेट खुल जाएंगे। यहां से उपभोक्ता मीटर खरीदकर खुद लगवा सकते हैं।
-आरके सिंह, अधिशाषी अभियंता स्टोर
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केस्को की लिस्ट में ऐसे 71 हजार 857 उपभोक्ता हैं जिनके मीटर खराब होने पर अनुमान के आधार पर (आईडीएफ) बिल तैयार होते हैं। यदि इनके मीटर बदल दिए गए होते तो उन्हें अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ता। केस्को तर्क देता है कि कुछ कंज्यूसर्म के यहां लगे मीटर तो वास्तव में खराब हैं लेकिन ज्यादातर उपभोक्ता अपना मीटर खराब दिखाते हुए अनुमानित बिलिंग चालू करा लेते हैं। इससे हर माह एक तय राशि की ही बिलिंग होने लगती है और उपभोक्ता मनमानी बिजली प्रयोग करता है। अनुमानित बिलिंग वाले उपभोक्ता तर्क देते हैं कि केस्को को यह खेल मालूम है तो वह सभी खराब मीटर बदलवा क्यों नहीं देता है ? गलती केस्को की है और अनुमानित बिलिंग का नुकसान उपभोक्ता का हो रहा है। करीब तीन साल पहले केस्को एक किलोवाट के कनेक्शन पर 80 यूनिट अनुमानित बिलिंग करता था। तत्कालीन केस्को एमडी एसएन वाजपेयी ने इसे 80 से बढ़ाकर 120 यूनिट प्रति माह और दो किलो वाट पर 180 यूनिट से बढ़ाकर 240 यूनिट कर दी थी। अब एक बार फिर उपभोक्ताओं को बढ़ोत्तरी का करंट लगाया गया है।
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इस बढ़ोत्तरी को इस तरह से समझ सकते हैं-
इनसेट-
इस तरह बदल गया दो किलो वाट का अनुमानित बिल
पहले-
प्रति माह यूनिट-240
पहली 150 यूनिट का चार्ज चार रुपये प्रति यूनिट-600 रुपये
बाकी 90 यूनिट का चार्ज 4.50 रुपये प्रति यूनिट-405 रुपये
फिक्स चार्ज 75 रुपये प्रति केवी से दो केवी का-150 रुपये
बिल राशि 1155 रुपये पर पांच प्रतिशत टैक्स-57.75 रुपये
1155 रुपये पर रेगुलेटरी सरचार्ज 2.3 प्रतिशत-27.89 रुपये
बिल की कुल राशि-1242.64 रुपये
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अब-
प्रति माह यूनिट-310
पहली 150 यूनिट का चार्ज चार रुपये प्रति यूनिट-600 रुपये
बाकी 150 यूनिट का चार्ज 4.50 रुपये प्रति यूनिट-675 रुपये
तीन सौ यूनिट के बाद बचे 10 यूनिट का चार्ज पांच रुपये प्रति यूनिट-50 रुपये
फिक्स चार्ज 75 रुपये प्रति केवी से दो केवी का- 150 रुपये
बिल राशि 1475 रुपये पर पांच प्रतिशत टैक्स- 73.75 रुपये
1475 रुपये पर रेगुलेटरी सरचार्ज 2.3 प्रतिशत- 35.62 रुपये
बिल की कुल राशि-1548.37 रुपये
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समझिए अपने बिल पर लिखी भाषा
आईडीएफ-इंस्टूमेंट डिफेक्टिव : मीटर खराब होना
आरडीएफ-रीडिंग डिफेक्टिव : रीडिंग सही न आना
एडीएफ-एक्यूड डिफेक्टिव : मीटर नहीं देखा, घर बंद
एनआर-नो रीडिंग : मीटर की रीडिंग नहीं ली गई
एनए-नॉट एवलेबिल : मीटर देखने को नहीं मिला
एमयू-मीटर यूनिट : मीटर की रीडिंग
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अनुमानित बिलिंग की स्थिति
बिजलीघर-3846, फूलबाग-3574, जरीब चौकी-4861, नवाबंगज-1433, आलूमंडी-1665, दादानगर-428, गुमटी-557, रतनपुर-2432, बर्रा विश्व बैंक-5585, गोविंद नगर-7909, जाजमऊ-2351, हैरिसगंज-5650, किदवई नगर-4534, नौबस्ता-7971, देहलीसुजानपुर-8590, कल्याणपुर-6115, विकास नगर-1552, सर्वोदय नगर-1576। कुल-70628। इसके अलावा पांच किलो वाट के ऊपर के-1228।
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कुल-71857 कंज्यूमर्स को अनुमानित बिल दिए जाते।
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कोट्स-
आईडीएफ (अनुमानित) बिलिंग आम कंज्यूमर्स की बिलिंग के हिसाब से नियामक आयोग के आदेश पर बढ़ाई गई है। ज्यादातर कंज्यूमर्स कम अनुमानित बिलिंग का फायदा लेते हुए मनमानी बिजली प्रयोग करते थे। इसी कारण अपने मीटर नहीं बदलवाते थे। अब बढ़े हुए बिल पहुंचने पर मीटर बदलवाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं।
-आरडी पांडेय, अधिशाषी अभियंता मुख्यालय
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इस समय मीटर की कमी है। 40 हजार मीटर का आर्डर दिया गया है। इसमें से 10 हजार मीटर अगले महीने आ जाएंगे। वैसे भी अब 15-20 दिन में बिजलीघर में तीन प्राइवेट कंपनियों के रिटेल आउटलेट खुल जाएंगे। यहां से उपभोक्ता मीटर खरीदकर खुद लगवा सकते हैं।
-आरके सिंह, अधिशाषी अभियंता स्टोर
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