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सोनू की फाइल फोटो।
Updated Wed, 21 Mar 2018 11:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जालौन।
कुठौंद के हदरुख गांव में बुधवार को खेतों के ऊपर से निकला हाईटेंशन तार टूटकर फसल पर गिर पड़ा। इससे खेतों में आग लग गई और आग बुझाई जाने तक आठ बीघा गेहूं की फसल राख हो गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम हदरुख में हाईटेंशन तार टूटकर खेतों में गिर पड़ा। इससे खेतों में आग लग गई। हवा चलने की वजह से आग भीषण होती चली गई। वहां से निकल रहे ग्रामीणों ने जब आग देखी तो गांव से और लोग आए और आग बुझाने का काम शुरू हुआ।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना फायरब्रिगेड को दी। कुछ देर बाद फायरब्रिगेड गांव पहुंची। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक खेतों में खड़ी आठ बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी थी। गांव के गजेंद्र कुशवाहा, शिवशंकर कुशवाहा, लल्लू कुशवाहा व बाबूलाल कुशवाहा व राकेश कुशवाहा ने बताया कि उन सभी के पास तीन तीन बीघा खेत है, जिनमें से दो दो बीघा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई।
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ग्रामीणों ने कहा कि बिजली विभाग से कई बार जर्जर तारों को हटाए जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन विभाग सुनता नहीं है। विभागीय लापरवाही के चलते यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसे हादसे हो चुके है, जिससे कई बीघा खेतों में खड़ी फसल जल चुकी है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की डीएम से शिकायत किए जाने की बात कही है।
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जालौन।
कुठौंद के हदरुख गांव में बुधवार को खेतों के ऊपर से निकला हाईटेंशन तार टूटकर फसल पर गिर पड़ा। इससे खेतों में आग लग गई और आग बुझाई जाने तक आठ बीघा गेहूं की फसल राख हो गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम हदरुख में हाईटेंशन तार टूटकर खेतों में गिर पड़ा। इससे खेतों में आग लग गई। हवा चलने की वजह से आग भीषण होती चली गई। वहां से निकल रहे ग्रामीणों ने जब आग देखी तो गांव से और लोग आए और आग बुझाने का काम शुरू हुआ।
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ग्रामीणों ने इसकी सूचना फायरब्रिगेड को दी। कुछ देर बाद फायरब्रिगेड गांव पहुंची। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक खेतों में खड़ी आठ बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी थी। गांव के गजेंद्र कुशवाहा, शिवशंकर कुशवाहा, लल्लू कुशवाहा व बाबूलाल कुशवाहा व राकेश कुशवाहा ने बताया कि उन सभी के पास तीन तीन बीघा खेत है, जिनमें से दो दो बीघा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई।
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ग्रामीणों ने कहा कि बिजली विभाग से कई बार जर्जर तारों को हटाए जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन विभाग सुनता नहीं है। विभागीय लापरवाही के चलते यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसे हादसे हो चुके है, जिससे कई बीघा खेतों में खड़ी फसल जल चुकी है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की डीएम से शिकायत किए जाने की बात कही है।