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Kanpur News: समूह की 70 महिलाओं को मिला प्रशिक्षण, शुरू करेंगी कारोबार
Tue, 20 Jan 2026 12:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 20 Jan 2026 12:55 AM IST
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कानपुर देहात। जिले की 70 महिलाओं ने कौशल के अनुसार आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन्हें स्वयं का कारोबार शुरू करने के लिए सीसीएल (नकद ऋण सीमा) के तहत 1.5 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वह छोटे स्तर पर स्वयं का कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बनेंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले की महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। विभाग के मुताबिक संचालित नौ हजार स्वयं सहायता समूह से एक लाख से अधिक महिलाएं जुड़कर कारोबार कर रही है। वहीं दूसरी तरफ शासन ने इसके इतर ज्यादा से ज्यादा समूह बनाने का लक्ष्य दिया है। जिसके लिए उपायुक्त एनआरएलएम ने सभी डीएमएम को ब्लॉक आवंटित कर जिम्मेदारी सौंपी है। चालू सत्र समाप्त होने तक लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
निदेशक आरसेटी मंयक कटियार ने बताया कि मलासा ब्लॉक में संचालित समूहों से 35 महिलाओं का चयन कर दोना-पत्तल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। सोमवार को इनका प्रशिक्षण समाप्त हो चुका है। कारोबार को शुरू करने के लिए अगर महिलाओं को आर्थिक समस्या आती है, तो उनके द्वारा आवेदन करने पर सीसीएल के तहत 1.5 रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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इसके अलावा सीएम युवा उद्योग योजना के तहत पाचं लाख रुपये तक का भी ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। वहीं जनपद के अलग-अलग ब्लॉकों से 35 महिलाओं को ब्यूटीपार्लर कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही यह महिलाएं कोर्स पूरा कर स्वयं का कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। प्रशिक्षक निखिल मिश्रा ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायतों में महिलाओं से संपर्क कर रोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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वर्जन.......
मलासा ब्लॉक की 35 महिलाओं को दोना पत्तल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। जबकि जिले की 35 अन्य महिलाओं को ब्यूटी पार्लर कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन्हें रोजगार शुरू करने के लिए ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्व रोजगार उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले की महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। विभाग के मुताबिक संचालित नौ हजार स्वयं सहायता समूह से एक लाख से अधिक महिलाएं जुड़कर कारोबार कर रही है। वहीं दूसरी तरफ शासन ने इसके इतर ज्यादा से ज्यादा समूह बनाने का लक्ष्य दिया है। जिसके लिए उपायुक्त एनआरएलएम ने सभी डीएमएम को ब्लॉक आवंटित कर जिम्मेदारी सौंपी है। चालू सत्र समाप्त होने तक लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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निदेशक आरसेटी मंयक कटियार ने बताया कि मलासा ब्लॉक में संचालित समूहों से 35 महिलाओं का चयन कर दोना-पत्तल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। सोमवार को इनका प्रशिक्षण समाप्त हो चुका है। कारोबार को शुरू करने के लिए अगर महिलाओं को आर्थिक समस्या आती है, तो उनके द्वारा आवेदन करने पर सीसीएल के तहत 1.5 रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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इसके अलावा सीएम युवा उद्योग योजना के तहत पाचं लाख रुपये तक का भी ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। वहीं जनपद के अलग-अलग ब्लॉकों से 35 महिलाओं को ब्यूटीपार्लर कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही यह महिलाएं कोर्स पूरा कर स्वयं का कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। प्रशिक्षक निखिल मिश्रा ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायतों में महिलाओं से संपर्क कर रोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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मलासा ब्लॉक की 35 महिलाओं को दोना पत्तल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। जबकि जिले की 35 अन्य महिलाओं को ब्यूटी पार्लर कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन्हें रोजगार शुरू करने के लिए ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्व रोजगार उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम