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Kanpur News: खरीफ फसल बीमा में 7 करोड़ प्रीमियम वसूला, अब तक नहीं मिला मुआवजा

Sun, 05 Nov 2023 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 05 Nov 2023 12:28 AM IST
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7 crore premium collected in Kharif crop insurance, compensation not yet received
कानपुर देहात। खरीफ फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों और सरकार से बीमा कंपनी ने 7 करोड़ 56 लाख से अधिक का प्रीमियम तो ले लिया। मगर अभी तक किसानों को मुआवजे के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं मिली है। सत्यापन के नाम पर टाल मटोल किया जा रहा है। यही वजह है कि अब किसान रबी फसल में बीमा कराने से कतरा रहे हैं। हालात यह है कि अभी तक एक भी किसान आगे नहीं आया है, पोर्टल भी रिकार्ड दर्ज नहीं हो सके हैं।
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खरीफ वर्ष 2023 में जिले के 37229 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 25612 हेक्टेअर भूमि का बीमा कराया। इसमें से 36815 ऋणी कृषक व 414 गैर ऋणी किसानों ने बीमा कराया। बीमा कंपनी एचडीएफसी अर्गो जनरल इंश्योरेंस ने किसानों से प्रीमियम के रूप में 4 करोड़ 65 लाख 99 हजार 933 रुपये वसूल किए। इसके साथ ही बीमा कंपनी को केंद्रांश व राज्यांश के रूप में सरकार से 2 करोड़, 90 लाख, 29 हजार 86 रुपये दिए। इस तरह कुल 7 करोड़, 56 लाख 29 हजार 18 रुपये प्रीमियम लिया गया। इधर अगस्त, सितंबर माह में बारिश से किसानों की काफी फसलों को नुकसान भी हुआ। किसान फसल बर्बाद होने की जानकारी देने के बाद मुआवजे के लिए बीमा कंपनी व अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। प्रीमियम देने के बाद भी उचित लाभ न मिलने से किसान फसल बीमा योजना से किनारा करने लगे है। यही वजह है कि इस बार रबी फसल में अब तक एक भी किसान ने बीमा कराने के लिए आगे नहीं आए हैं। जबकि पिछले सालों में यह आंकड़ा 37 हजार के पार रहा। अधिकारी पोर्टल बंद होने की बात कह रहे हैं।
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वर्ष 2022-23 में रबी 37130 किसानों ने बीमा कराया। जिसके लिए बीमा कंपनियों को प्रीमियम के तौर पर रबी फसल में 187560329 रुपये जमा किया गया। इसमें से नुकसान होने पर रबी फसल में महज 1607 किसानों 15584307 रुपये की क्षतिपूर्ति नसीब हो सकी। अभी भी काफी किसान मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। इधर रबी फसल में बीमा कराने वाले किसानों के गिरते आंकड़े कहीं न कहीं योजना को लेकर दिलचस्पी कम होने की ओर संकेत कर रहे है। फिलहाल अधिकारी योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर किसानों से संवाद कर रहे है। वहीं बीमा कराने वाली कंपनियों से क्षतिग्रस्त फसलों को लेकर किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए योजना बनाकर काम रहे है।
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फोटो-01 अशोक राजपूत। संवाद

मंगलपुर के अशोक राजपूत ने बताया कि उनके पास 6 बीघा जमीन हैं। फसल बीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस लिए नहीं कराया बताया कि फसल में नुकसान होने पर बैंक एजेंट से संपर्क करने व बुलाने में बहुत जद्दोजहद करनी पड़ती है। कई बार 72 घंटे के अंदर एजेंट आते भी नहीं। ऐसे में क्षतिपूर्ति मिलने मुश्किल हो जाता है।



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फोटो-02 रामेश्वर दयाल। संवाद

गौरी के रामेश्वर दयाल गुप्ता ने बताया कि करीब 10 बीघा जमीन है। पहले फसल बीमा कराते थे अब नहीं करा रहे उन्होंने बताया कि बीमा का सही से लाभ नहीं मिलता था। फसल नुकसान होने पर बैंक एजेंट नहीं सुनते। जबकि प्रीमियम भुगतान को लेकर जल्दबाजी करते हैं।

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दिसंबर तक रबी का होगा बीमा

- रबी फसल का अभी सीजन शुरू हुआ है। एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक बीमा होता है। अभी पोर्टल नहीं खुला है। बुआई भी शुरू नहीं हुई है। केसीसी धारक का बीमा कराया जाता है। पहले बीमा अनिवार्य था, अब स्वैच्छिक हो गया है, जो कराना चाहता है उसका प्रीमियम काटा जा रहा है। फसल बीमा का लाभ नुकसान होने की स्थिति में मिलता है। किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले इसे लेकर विभाग सजग है। किसानों को फसल बीमा को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है।-रामबचन राम, उप कृषि निदेशक
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