{"_id":"6898fc28b7f18544bf0f835d","slug":"62-thousand-sisters-traveled-free-in-buses-on-the-last-day-kanpur-news-c-362-1-ka11006-128827-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतिम दिन 62 हजार बहनों ने किया बसों में नि:शुल्क सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतिम दिन 62 हजार बहनों ने किया बसों में नि:शुल्क सफर
विज्ञापन
कानपुर। रक्षाबंधन पर तीन दिन की नि:शुल्क सेवा का करीब दो लाख 58 हजार बहनों ने लाभ उठाया। तीसरे दिन रविवार को जाने वालों की भीड़ सामान्य रही लेकिन करीब 62 हजार महिलाएं लौटीं। झकरकटी और रावतपुर बस अड्डे पर ज्यादा भीड़ देखी गई।
रक्षाबंधन पर बहनों के लिए राज्य सरकार ने आठ अगस्त की सुबह छह बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक महिला और एक सहयात्री को नि:शुल्क बस यात्रा की सुविधा दी थी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने कानपुर रीजन में 677 राेडवेज, शहर में 84 ई-बसों और करीब 60 सीएनजी बसों को रूट पर उतारा गया था। त्योहार के बाद करीब 10 हजार यात्री रोडवेज बसों से गए।
इन रूटों से लौटे यात्री
पहले दिन 72 हजार, रक्षाबंधन पर एक लाख 12 हजार और अंतिम दिन आने-जाने में 72 हजार लोगों ने नि:शुल्क सेवा का लाभ उठाया। अंतिम दिन सुबह से रात 12 बजे तक आगरा, दिल्ली, गोरखपुर, रायबरेली, कन्नौज, फतेहपुर, लखनऊ, वाराणसी, मैनपुरी, प्रयागराज रूटों की रोडवेज बसों से यात्री वापस लौटे।
विज्ञापन
वर्जन
अंतिम दिन कोई अतिरिक्त बसें नहीं चलानी पड़ी। जाने वाले तो कम रहे लेकिन वापसी करने वालों की भीड़ रही। -महेश कुमार, आरएम रोडवेज
विज्ञापन
रक्षाबंधन पर बहनों के लिए राज्य सरकार ने आठ अगस्त की सुबह छह बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक महिला और एक सहयात्री को नि:शुल्क बस यात्रा की सुविधा दी थी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने कानपुर रीजन में 677 राेडवेज, शहर में 84 ई-बसों और करीब 60 सीएनजी बसों को रूट पर उतारा गया था। त्योहार के बाद करीब 10 हजार यात्री रोडवेज बसों से गए।
विज्ञापन
इन रूटों से लौटे यात्री
पहले दिन 72 हजार, रक्षाबंधन पर एक लाख 12 हजार और अंतिम दिन आने-जाने में 72 हजार लोगों ने नि:शुल्क सेवा का लाभ उठाया। अंतिम दिन सुबह से रात 12 बजे तक आगरा, दिल्ली, गोरखपुर, रायबरेली, कन्नौज, फतेहपुर, लखनऊ, वाराणसी, मैनपुरी, प्रयागराज रूटों की रोडवेज बसों से यात्री वापस लौटे।
विज्ञापन
वर्जन
अंतिम दिन कोई अतिरिक्त बसें नहीं चलानी पड़ी। जाने वाले तो कम रहे लेकिन वापसी करने वालों की भीड़ रही। -महेश कुमार, आरएम रोडवेज