फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   बनेंगे सात अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल

बनेंगे सात अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल

Sun, 20 Jan 2019 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jan 2019 12:15 AM IST
विज्ञापन
बनेंगे सात अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल
बांदा। बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं को लेकर चौतरफा मची हायतौबा के बीच प्रदेश सरकार लगातार इससे निपटने के लिए योजनाएं और उपाय लागू कर रही है। ताजा कार्रवाई में बुंदेलखंड के सातों जनपदों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना और उनके संचालन के लिए प्रदेश सरकार ने मंडी परिषद के बजट से डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। बुंदेलखंड में इसके पूर्व से जिला प्रशासन, नगर निकाय, सांसद व विधायक निधियों आदि से गो आश्रय केंद्र व गोशालाएं बनाई गई हैं।
विज्ञापन


समूचे बुंदेलखंड में चार लाख से ज्यादा अन्ना पशु हैं। इनसे किसानों की नींद हराम हो गई है। उत्तेजित और परेशान किसान व ग्रामीण अन्ना गायों के झुंड स्कूलों और सरकारी भवनों के परिसरों में बंद कर रहे हैं। कानून व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में इन हालात के चलते प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं के लिए कई योजनाएं लागू कर रखी हैं। हालांकि यह प्रभावशाली साबित नहीं हो पा रहीं। सबसे बड़ा संकट गोशालाओं में बंद गायों को चारा-भूसा और पानी की है।
विज्ञापन


प्रदेश के मुख्य सचिव अनूपचंद्र पांडेय द्वारा शुक्त्रस्वार 18 जनवरी को जारी किए गए शासनादेश में कहा है कि बुंदेलखंड के 7 और प्रदेश के अन्य 68 जनपदों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना और संचालन तथा उनमें संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण के लिए मंडी परिषद से पैसा उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके लिए मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के प्रमुख सचिव और मंडी परिषद के निदेशक को यह शासनादेश भेजा है। इसमें कहा गया है कि मंडी परिषद की आमदनी/सेस से बुंदेलखंड के सभी सात जनपदों को डेढ़-डेढ़ करोड़ (कुल 10.50 करोड़) रुपये जिलाधिकारियों को तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।

इसके अलावा प्रदेश के अन्य जनपदों को एक-एक करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने इसके लिए मंडी परिषद अधिनियम का हवाला भी दिया है। कहा है कि यह पैसा सीधे जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी अलग खाता खोलकर यह पैसा रखेंगे और निर्धारित मदों में खर्च करेंगे।

मंडल में इसी माह बनेंगे 20 पशु आश्रय स्थल
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में बेसहारा पशु आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। इनकी कुल संख्या 20 है। सबसे ज्यादा 11 पशु आश्रय स्थल बांदा जनपद में बन रहे हैं। प्रत्येक की लागत 30 लाख रुपये है। इन्हें पिछले माह दिसंबर तक पूरा हो जाना था, लेकिन नहीं हो पाए। अब शासन ने चालू माह जनवरी में इन्हें पूरा करने का निर्देश दिया है।

मंडल के चारों जनपदों में पांच-पांच आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। पशु पालन विभाग को इसका नोडल विभाग नामित किया गया है। बांदा में पिथौराबाद, मनीपुर, महुटा, कौहारा व खप्टिहा कलां, चित्रकूट में बसिला, हरछा बरेठी, टिटिहरा, गढ़वा व बिसौहरा में इनका निर्माण हो रहा है। चित्रकूटधाम मंडल में 22 पंजीकृत गोशालाएं हैं।

अपने पशुओं को बांधकर रखें
बांदा। डीएम हीरा लाल ने पशु चिकित्सा विभाग के डाक्टरों को निर्देश दिया है कि गांवों में ग्रामीणों को इस बात के लिए प्रेरित और राजी करें कि हर हाल में अपने पशुओं को बांधकर रखें। अन्ना पशुओं को आश्रय दें। तभी अन्ना प्रथा का अभिशाप वरदान में बदलेगा। एसडीएम और बीडीओ को निर्देश दिए कि हर हफ्ते इसकी समीक्षा बैठक करें।


निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएं कि वह लोगों को पशु बांधने के लिए समझाएं। जो पशु छुट्टा छोड़ें उसे जेल भिजवाया जाए। सीडीओ ने बताया कि अब तक अन्ना प्रथा में 186 लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। पशुओं की टैगिंग और अन्ना पशुओं की सींगों में हरा रंग पोतने के निर्देश दिए। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, एसडीएम सदर, एसडीएम नरैनी, बबेरू, पैलानी, डीपीआरओ, सीओ आदि शामिल रहे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed