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जिले के रामसुचित पद्मश्री के लिए नामांकित
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जिले के राम सुचित पद्मश्री के लिए नामांकित
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय और विशिष्ट योगदान के लिए दिए जाने वाले पद्म श्री पुरस्कार के लिए इस साल जनपद के रामसुचित सिंह को नामांकित किया गया है। जानकारी देते हुए पारिवारिक सदस्य सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि कुछ सामाजिक संगठनों एवं विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा पुरस्कार के लिए केन्द्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, भारत रत्न तथा पद्म विभूषण से सम्मानित हस्तियों, उत्कृष्ट प्रतिष्ठानों और अन्य स्रोतों द्वारा किसी व्यक्ति के लिए उसके सामाजिक या अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य के आधार पर सिफारिश मांगी गई थी। गृह मंत्रालय ने इन सभी लोगों से गत 25 अप्रैल को आग्रह किया था कि वे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वालों की पहचान कर उनके नामों की सिफारिश कर सकते हैं। जिसके संदर्भ में उनका नाम उक्त संगठनों द्वारा नामांकित किया गया है। विगत 50 सालों से सामाजिक उद्देश्य के उत्कृष्ट कार्यों के लिए समर्पित रामसुचित सिंह का शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों वर्गों में अभूतपूर्व योगदान रहा। शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन के लिए राजकीय शिक्षा संस्थान पृथ्वीपुर (टीकमगढ़) मध्य प्रदेश ने वर्ष 2002 में उन्हेंऽप्रज्ञा पुरस्कारऽसे विभूषित किया है। मध्य प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए रामसुचित सिंह ने वर्ष 1987 में गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ साइकोलॉजी जबलपुर से प्राचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद संपूर्ण जीवन गरीब और बेसहारा लोगों के लिए समर्पित कर दिया। चित्रकूट जनपद ही नहीं बल्कि सभी को उनके उत्कृष्ट कार्यों पर गर्व है। पद्म पुरस्कार विजेताओं के चयन के परिणाम की घोषणा संभवत: गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय और विशिष्ट योगदान के लिए दिए जाने वाले पद्म श्री पुरस्कार के लिए इस साल जनपद के रामसुचित सिंह को नामांकित किया गया है। जानकारी देते हुए पारिवारिक सदस्य सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि कुछ सामाजिक संगठनों एवं विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा पुरस्कार के लिए केन्द्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, भारत रत्न तथा पद्म विभूषण से सम्मानित हस्तियों, उत्कृष्ट प्रतिष्ठानों और अन्य स्रोतों द्वारा किसी व्यक्ति के लिए उसके सामाजिक या अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य के आधार पर सिफारिश मांगी गई थी। गृह मंत्रालय ने इन सभी लोगों से गत 25 अप्रैल को आग्रह किया था कि वे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वालों की पहचान कर उनके नामों की सिफारिश कर सकते हैं। जिसके संदर्भ में उनका नाम उक्त संगठनों द्वारा नामांकित किया गया है। विगत 50 सालों से सामाजिक उद्देश्य के उत्कृष्ट कार्यों के लिए समर्पित रामसुचित सिंह का शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों वर्गों में अभूतपूर्व योगदान रहा। शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन के लिए राजकीय शिक्षा संस्थान पृथ्वीपुर (टीकमगढ़) मध्य प्रदेश ने वर्ष 2002 में उन्हेंऽप्रज्ञा पुरस्कारऽसे विभूषित किया है। मध्य प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए रामसुचित सिंह ने वर्ष 1987 में गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ साइकोलॉजी जबलपुर से प्राचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद संपूर्ण जीवन गरीब और बेसहारा लोगों के लिए समर्पित कर दिया। चित्रकूट जनपद ही नहीं बल्कि सभी को उनके उत्कृष्ट कार्यों पर गर्व है। पद्म पुरस्कार विजेताओं के चयन के परिणाम की घोषणा संभवत: गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाएगी।