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बांदा के मछुआरों के रिहाई के हो रहे प्रयास
Updated Thu, 08 Feb 2018 11:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। तिंदवारी थाना क्षेत्र के जसईपुर गांव के मछुआरों को गुजरात में समुंदर में शिकार करते समय पाकिस्तानी सेना द्वारा गिरफ्तार कर लिए जाने का मुद्दा राज्यसभा में गूंजा। इस पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि भारत सरकार मछुआरों की रिहाई के लिए लगातार प्रयासरत है। विदेश मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक 1584 भारतीय मछुआरे पाकिस्तानी सेना द्वारा पकड़े जा चुके हैं।
जसईपुर गांव के मछुआरे हर वर्ष मछली का शिकार करने गुजरात जाते हैं। समुंदर में शिकार करने पर उन्हें ठेकेदार द्वारा दिहाड़ी दी जाती है। इस वर्ष भी जुलाई में यहां के मछुआरे गुजरात गए थे। 2 नवंबर 2017 में समुद्र में पोरबंदर में नाव से शिकार करते समय भूलवश पाकिस्तान की सीमा वाले समुंदर में दाखिल हो गए। 11 मछुआरों को पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया।
तब से ये कराची की जेल में हैं। पकड़े गए मछुआरों में रज्जू, राजू, पप्पू, अखिलेश, अमित, बाबू, चंद्रप्रकाश, विक्रम, देवीशरण, महेंद्र, ओमप्रकाश आदि शामिल हैं। उधर, कमाऊपूतों के गिरफ्तार हो जाने से जसईपुर में उनके परिवारों में मायूसी है। सपा के राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने 29 दिसंबर को शून्य काल के दौरान राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया था।
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राज्यसभा में मुद्दा उठने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में सांसद को भेजे पत्र में कहा है कि पाकिस्तान में बंद मछुआरों को रिहा कराने के लिए लगातार राजनयिक प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक 1584 भारतीय मछुआरे पाकिस्तानी सेना द्वारा पकड़े जा चुके हैं। उन्हें भारत सरकार ने अपने प्रयासों से रिहा कराया है। 145 मछुआरे 29 दिसंबर 2017 और 146 मछुआरे 8 जनवरी 2018 को रिहा होकर वापस आ गए हैं।
बांदा के मछुआरों की रिहाई के लिए कर रहे प्रयास
राज्यसभा में मुद्दा उठने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दी जानकारी
जसईपुर गांव के 11 मछुआरे बंद हैं कराची जेल में
समुद्र में मछली का शिकार करते समय पाक सेना ने पकड़ा था
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बांदा। तिंदवारी थाना क्षेत्र के जसईपुर गांव के मछुआरों को गुजरात में समुंदर में शिकार करते समय पाकिस्तानी सेना द्वारा गिरफ्तार कर लिए जाने का मुद्दा राज्यसभा में गूंजा। इस पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि भारत सरकार मछुआरों की रिहाई के लिए लगातार प्रयासरत है। विदेश मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक 1584 भारतीय मछुआरे पाकिस्तानी सेना द्वारा पकड़े जा चुके हैं।
जसईपुर गांव के मछुआरे हर वर्ष मछली का शिकार करने गुजरात जाते हैं। समुंदर में शिकार करने पर उन्हें ठेकेदार द्वारा दिहाड़ी दी जाती है। इस वर्ष भी जुलाई में यहां के मछुआरे गुजरात गए थे। 2 नवंबर 2017 में समुद्र में पोरबंदर में नाव से शिकार करते समय भूलवश पाकिस्तान की सीमा वाले समुंदर में दाखिल हो गए। 11 मछुआरों को पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया।
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तब से ये कराची की जेल में हैं। पकड़े गए मछुआरों में रज्जू, राजू, पप्पू, अखिलेश, अमित, बाबू, चंद्रप्रकाश, विक्रम, देवीशरण, महेंद्र, ओमप्रकाश आदि शामिल हैं। उधर, कमाऊपूतों के गिरफ्तार हो जाने से जसईपुर में उनके परिवारों में मायूसी है। सपा के राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने 29 दिसंबर को शून्य काल के दौरान राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया था।
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राज्यसभा में मुद्दा उठने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में सांसद को भेजे पत्र में कहा है कि पाकिस्तान में बंद मछुआरों को रिहा कराने के लिए लगातार राजनयिक प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक 1584 भारतीय मछुआरे पाकिस्तानी सेना द्वारा पकड़े जा चुके हैं। उन्हें भारत सरकार ने अपने प्रयासों से रिहा कराया है। 145 मछुआरे 29 दिसंबर 2017 और 146 मछुआरे 8 जनवरी 2018 को रिहा होकर वापस आ गए हैं।
बांदा के मछुआरों की रिहाई के लिए कर रहे प्रयास
राज्यसभा में मुद्दा उठने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दी जानकारी
जसईपुर गांव के 11 मछुआरे बंद हैं कराची जेल में
समुद्र में मछली का शिकार करते समय पाक सेना ने पकड़ा था