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लॉकडाउन: तीन-तीन हजार रुपये दे ट्रक में मुंबई से आए 60 लोग, पुलिस ने पकड़ कर सीएचसी में कराई जांच
Tue, 12 May 2020 07:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 12 May 2020 07:47 PM IST
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ट्रकों में बैठ कर घर पहुंच रहे प्रवासी श्रमिक
- फोटो : amar ujala
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फर्रूखाबाद के कमालगंज में मंगलवार तड़के 3 बजे मुंबई से 60 लोगों को लेकर आए ट्रक को कन्नौज की सीमा पर दरौरा बॉर्डर पर रोक लिया गया। दो घंटे तक ट्रक खड़ा रखने के बाद पुलिस उसे सीएचसी लेकर आई। वहां थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद लोगों को होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया।
राजेपुर निवासी ट्रक ड्राइवर शाहजहांपुर से चीनी लादकर नासिक गया था। वापसी में 60 लोगों को मुंबई से लेकर 10 मई को कमालगंज के लिए चलने की जानकारी प्रशासन को मिली थी। ट्रक चालक ने सभी सवारियों से तीन-तीन हजार रुपये किराया तय किया।
प्रशासन से शिकायत की गई कि एक ट्रक में इतने अधिक लोगों को लाना खतरे से खेलना है। ट्रक मंगलवार तड़के 3 बजे दरौरा स्थित बार्डर पर पहुंचा तो दरोगा इकबाल ने रोक लिया। सुबह 5 बजे पुलिस ट्रक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज लाई। थर्मल स्क्रीनिंग में किसी को बुखार न होने पर गांव जाने को कहा गया।
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इनमें सबसे ज्यादा 30 लोग राजेपुर सरायमेंदा के थे। राजेपुर सरायमेंदा के प्राइमरी स्कूल में बने क्वारंटीन सेंटर में पहले से ही 28 लोग मौजूद थे। जगह न होने से यह सभी अपने घर चले गए। घर पर किसी से न मिलने की हिदायत दी गई। ग्राम प्रधान के पति नफीश ने बताया की पहले से रह रहे 28 लोगों को 3 दिन हो गए हैं। उन्हें घर भेज दिया जाएगा।
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राजेपुर निवासी ट्रक ड्राइवर शाहजहांपुर से चीनी लादकर नासिक गया था। वापसी में 60 लोगों को मुंबई से लेकर 10 मई को कमालगंज के लिए चलने की जानकारी प्रशासन को मिली थी। ट्रक चालक ने सभी सवारियों से तीन-तीन हजार रुपये किराया तय किया।
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प्रशासन से शिकायत की गई कि एक ट्रक में इतने अधिक लोगों को लाना खतरे से खेलना है। ट्रक मंगलवार तड़के 3 बजे दरौरा स्थित बार्डर पर पहुंचा तो दरोगा इकबाल ने रोक लिया। सुबह 5 बजे पुलिस ट्रक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज लाई। थर्मल स्क्रीनिंग में किसी को बुखार न होने पर गांव जाने को कहा गया।
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इनमें सबसे ज्यादा 30 लोग राजेपुर सरायमेंदा के थे। राजेपुर सरायमेंदा के प्राइमरी स्कूल में बने क्वारंटीन सेंटर में पहले से ही 28 लोग मौजूद थे। जगह न होने से यह सभी अपने घर चले गए। घर पर किसी से न मिलने की हिदायत दी गई। ग्राम प्रधान के पति नफीश ने बताया की पहले से रह रहे 28 लोगों को 3 दिन हो गए हैं। उन्हें घर भेज दिया जाएगा।