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हरदोई: मंसूरनगर मिनी बैंक में 58 लाख रुपये का गबन, गोपनीय शिकायत पर हुई जांच में खुला मामला
Sun, 03 Jan 2021 12:14 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 03 Jan 2021 12:14 AM IST
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साधन सहकारी समिति मंसूरनगर मिनी बैंक
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई जिले में साधन सहकारी समिति मंसूरनगर मिनी बैंक में 58 लाख रुपये से अधिक का गबन हुआ है। शिकायत पर हुई गोपनीय जांच में गबन की पुष्टि हो गई है। समिति के दो पूर्व और एक मौजूदा सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी है।
साधन सहकारी समिति मंसूर नगर की अध्यक्ष मुन्नी देवी ने गबन की शिकायत सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता डॉ. पीके शुक्ला से की थी। इसमें सहकारी समिति के अंतर्गत संचालित मिनी बैंक में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया था।
शिकायत की जांच कराने के लिए सहायक निबंधक ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी में अपर जिला सहकारी अधिकारी सदर पवन कुमार, अपर जिला सहकारी अधिकारी संडीला आरएस वर्मा और अपर जिला सहकारी अधिकारी सवायजपुर मंशाराम को शामिल किया गया था।
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समिति ने मामले की जांच कर आख्या सहायक निबंधक को सौंप दी है। उपलब्ध गोपनीय दस्तावेजों के मुताबिक 58 लाख 67 हजार 821 रुपये का गबन मिनी बैंक से किया गया है। यह गबन वर्ष 2013 से 2018 के बीच किया गया है। गबन के लिए साधन सहकारी समिति के सचिव मिश्रीलाल, पूर्व सचिव रामदयाल और बृजेंद्र पाल यादव को दोषी माना गया है।
इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता डॉ. पीके शुक्ला ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिली है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तय की जा रही है। अगले दो दिनों में कार्रवाई कर दी जाएगी।
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साधन सहकारी समिति मंसूर नगर की अध्यक्ष मुन्नी देवी ने गबन की शिकायत सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता डॉ. पीके शुक्ला से की थी। इसमें सहकारी समिति के अंतर्गत संचालित मिनी बैंक में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया था।
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शिकायत की जांच कराने के लिए सहायक निबंधक ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी में अपर जिला सहकारी अधिकारी सदर पवन कुमार, अपर जिला सहकारी अधिकारी संडीला आरएस वर्मा और अपर जिला सहकारी अधिकारी सवायजपुर मंशाराम को शामिल किया गया था।
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समिति ने मामले की जांच कर आख्या सहायक निबंधक को सौंप दी है। उपलब्ध गोपनीय दस्तावेजों के मुताबिक 58 लाख 67 हजार 821 रुपये का गबन मिनी बैंक से किया गया है। यह गबन वर्ष 2013 से 2018 के बीच किया गया है। गबन के लिए साधन सहकारी समिति के सचिव मिश्रीलाल, पूर्व सचिव रामदयाल और बृजेंद्र पाल यादव को दोषी माना गया है।
इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता डॉ. पीके शुक्ला ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिली है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तय की जा रही है। अगले दो दिनों में कार्रवाई कर दी जाएगी।