फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   57 patients admitted in 48-bed general ward, two are being treated on one bed

48 वार्ड के जनरल वार्ड में भर्ती 57 मरीज, एक बेड पर दो का हो रहा उपचार

Thu, 28 Oct 2021 01:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 01:15 AM IST
विज्ञापन
57 patients admitted in 48-bed general ward, two are being treated on one bed
कानपुर देहात। जिला अस्पताल का जनरल वार्ड 48 बेड का है। यहां पर बुधवार को 57 मरीज भर्ती मिले। इससे एक बेड पर दो-दो मरीजों का उपचार किया गया। इसमें कोई उलटी दस्त तो कोई बुखार से पीड़ित है। तीमारदारों ने इसका विरोध किया तो पैरामेडिकल स्टाफ ने कहीं और मरीज का उपचार कराने की बात कही।
विज्ञापन

डेंगू और बुखार के मरीज बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की दुश्वारियां भी बढ़ रही हैं। 48 बेट के जनरल वार्ड में बुधवार को 57 मरीज भर्ती किए गए। इससे एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाता रहा। तीमारदार विशाल कुमार ने बताया कि सुबह चिकित्सक मरीज को देख गए थे। इसके बाद दोपहर होते ही स्टाफ ने उनके मरीज के साथ एक अन्य युवक को लिटा दिया।
विज्ञापन

उसे तेज बुखार आ रहा था। उन्होंने बताया कि कोविड पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। विशाल ने पैरामेडिकल स्टाफ से एक बेड पर एक ही मरीज भर्ती करने की बात कही तो उसे अपने मरीज का कहीं और उपचार कराने की सलाह दी गई। यही स्थिति मायादेवी, सीमा के मरीजों के साथ थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, बुधवार को चेस्ट फिजिशियन की ओपीडी बंद रही तो बाल रोग विशेषज्ञ भी ओपीडी से नदारद रहे। दोपहर 12 बजे तक महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर लाइन में लगी रहीं, इसके बाद भी चिकित्सक के न आने पर वापस लौट गईं। इसके साथ ही अस्पताल में महिलाओं के लिए बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां भी नहीं हैं।
जिला अस्पताल से नदारद हो गई हेल्प डेस्क
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई थी। जैसे-जैसे कोरोना का असर कम होता गया वैसे ही यहां की सुविधाएं भी नदारद होने लगी। अब हेल्प डेस्क के नाम पर खिलवाड़ हो रहा। मौके पर बैनर तो लगा है पर यहां न तो कोई मेज व कुर्सी लगी है और ना ही कोई कर्मचारी दिखाई दिया।

जिला अस्पताल में एक बेड में दो मरीजों को लिटाने का कोई नियम नहीं है। इसके समाधान करने के लिए सीएमएस से कहा है। जल्द ही ओपीडी का औचक निरीक्षण करेंगे। - डॉ. एके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed