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तीस परिवार के 55 लोगों को गांव से निकाला

Wed, 25 Aug 2021 01:29 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 01:29 AM IST
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55 people of thirty families were evacuated from the village
संदलपुर। तिसौली गांव में नायक समाज के तीस परिवारों के करीब 55 लोगों के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट की। इसके बाद उन्हें गांव से निकाल दिया। इसकी शिकायत पीड़ितों ने पुलिस से की। जांच के नाम पर औपचारिकता कर पुलिस चली गई। अब तीस परिवार गांव से पांच सौ मीटर दूर सड़क किनारे तंबू तानकर रह रहे हैं।
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मंगलपुर थाना क्षेत्र के भंदेमऊ ग्राम पंचायत के मजरा तिसौली में नायक समाज के करीब तीस परिवार रहते हैं। परिवार में लगभग 150 सदस्य हैं। इसमें कुछ लोग बाहर रहकर भरण पोषण कर रहे हैं। गांव के राजेश बंजारा ने पुलिस को बताया कि फिलहाल गांव में उनके समाज के करीब 55 लोग रह रहे हैं। मंगलवार सुबह गांव के करीब 15 से बीस लोग उनके घरों में घुस गए।
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मारपीट करने के बाद परिवार के सभी सदस्यों को गांव से बाहर कर दिया। इससे वहां हड़कंप मच गया। इसके बाद पीड़ित परिवार गांव से पांच सौ मीटर की दूसरी पर तंबू तानकर सड़क किनारे रहने को मजबूर है। आरोप है कि गांव के लोगों वहां पहुंचकर धमकी दे रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि वह करीब 40 साल से गांव में रह रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
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पीड़ितों ने गांव के कुछ लोगों पर मारपीट कर निकालने का आरोप लगा पुलिस से शिकायत की। वहीं सूचना के बाद एसआई राम औतार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां घटना की छानबीन करने के बाद चले गए। पीड़ित परिवार देर रात तक सड़क किनारे बैठे रहे। एसएसआई राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी के बाद पुलिस को मौके पर भेजा गया। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
जमीन को लेकर है विवाद
करीब चालीस साल पहले गांव के एक बुजुर्ग ने राजेश बंजारा के परिवार को घर में शरण दी थी। धीरे-धीरे परिवार बढ़ा तो कच्चे व पक्के मकानों की संख्या भी बढ़ी। जिस बुजुर्ग ने राजेश को शरण दी थी, अब उसके परिवार के लोग जमीन पर अपना हक बता रहे हैं। वहीं दूसरे पक्ष के लोग करीब तीन दिन से पीड़ितों को गांव से जाने के लिए कह रहे थे। मंगलवार को उनके साथ मारपीट कर तीस परिवार को गांव से निकाल दिया गया।

मामले की जानकारी हुई है। मौके पर सीओ डेरापुर और इंस्पेक्टर मंगलपुर को भेजा गया है। अगर ऐसा हुआ है तो गलत बात है। किसी भी पीड़ित को खुले में रात नहीं गुजारने दी जाएगी - रमेश चंद्र यादव, एसडीएम सिकंदरा
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