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डकैतों का धावा: 55 लाख का फ्लैट, सुरक्षा के नाम पर ‘शून्य’, न सीसीटीवी कैमरा, न ही आने जाने वालों की इंट्री

Sun, 19 Sep 2021 10:32 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 19 Sep 2021 10:32 AM IST
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55 lakh flat, 'zero' in the name of security, neither CCTV cameras, nor entry of visitors
पीड़िता आश देवी - फोटो : amar ujala
कानपुर के गोविंद नगर स्थित शिवानी इन्क्लेव में पड़ी डकैती के बाद अपार्टमेंट में रहने वाले लोग काफी दहशत में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्डर ने एक-एक फ्लैट 55 लाख रुपये में बेचा है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं किया। सोसाइटी के लोगों ने खुद ही गार्ड को अपने खर्चे पर रखा था।
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अपार्टमेंट में रहने वाले दीपक राठी, विकास जैन, निशा गुप्ता, शैलेंद्र गुप्ता, आलोक बंधु, एमएल गुप्ता, अशोक गुप्ता व जगदीश गुप्ता ने बताया कि पिछले साल उन्होंने किदवईनगर निवासी बिल्डर अरुण आनंद से ये फ्लैट 55 लाख रुपये में खरीदे थे। उस दौरान बिल्डर ने बोरिंग, लिफ्ट, विद्युत आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर, सिक्योरिटी गार्ड व सीसीटीवी कैमरे लगाने का वादा किया था, लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद भी वादा पूरा नहीं हुआ। 
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यही नहीं पार्किंग में अवैध रूप से एक फ्लैट भी बनवा दिया। सारे 17 फ्लैटों के मुख्य दरवाजे प्लाई के लगवाए गए हैं जो काफी कमजोर हैं। अपार्टमेंट का मुख्य गेट भी छोटा है। जिसका फायदा उठाकर डकैत गेट फांदकर भीतर दाखिल हो गए और आशा देवी के फ्लैट में धावा बोल दिया।  वहीं इस संबंध में बिल्डर का कहना है कि ऐसा मैंने कुछ भी लिखित में नहीं दिया है। फ्लैट बनाकर मैंने सौंप दिया था। कैमरा और सिक्योरिटी गार्ड की जिम्मेदारी फ्लैट में रहने वाले लोगों की होती है। जो बिल्डिंग में रहने वाले लोग एक समिति बनाकर करते हैं।
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आने-जाने वालों की भी नहीं होती इंट्री
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने हाल ही में समिति बनाई थी। जिसके अध्यक्ष आलोक बंधु और सचिव दीपक राठी हैं। बैठक रजिस्टर के अनुसार अपार्टमेंट में तय समय के अनुसार न तो बैठक होती है और न ही समिति के सदस्य मेंटेनेंस के रुपये जमा करते हैं। समिति की अंतिम बैठक 27 जुलाई को हुई थी।

इसके बाद एक अगस्त को थी लेकिन सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सकी थी। गार्ड वीरेंद्र ने बताया कि बिल्डिंग में आने जाने वालों का कोई रिकार्ड नहीं है। वारदात के बाद उन्हें पुराना रजिस्टर इंट्री करने के लिए दिया गया है। ऐसे में अपार्टमेंट में कौन आता-जाता है इसका कोई रिकार्ड पुलिस को उपलब्ध नहीं हो सका है।

स्टील का गेट आया पर लगवाया नहीं
अपार्टमेंट के लोगों ने बताया कि आशा गुप्ता ने आर्डर पर एक स्टील का दरवाजा बनवाया था। गत शनिवार को ठेकेदार दरवाजा लेकर उनके फ्लैट पर पहुंचा था, लेकिन शनिवार के दिन वह लोहे का कार्य नहीं करवाना चाहती थीं इसलिए उन्होंने दरवाजा रविवार को लगवाने की बात कह उसे लौटा दिया था। इसके बाद ठेकेदार दोबारा नहीं आया। गुरुवार देर रात वारदात हो गई।
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