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दहेज हत्या में पति और सास को आठ वर्ष कारावास
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कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली के करौसा गांव में चार वर्ष पूर्व एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मामले में मृतका के भाई ने उसके पति व सास समेत तीन लोगों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत ने मृतका के पति व सास को घटना का दोषी मानते हुए आठ वर्ष का कारावास व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
करौसा गांव में 10 दिसंबर 2015 को रामकुमार की पत्नी मोनी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मामले में मृतका के भाई छेदालाल ने पति रामकुमार, सास शांती देवी, देवर शिवकुमार पर दहेज हत्या का मुकदमा अकबरपुर कोतवाली में दर्ज कराया था। उसने पुलिस को बताया था कि बहन मोनी की शादी 20 अप्रैल 2015 को रामकुमार के साथ की थी। इसके बाद वह लोग दहेज में एक लाख रुपये व पल्सर बाइक की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। मांग पूरी न करने पर गला दबाकर हत्या कर दी। विवेचक ने मृतका के पति व सास के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पंचम बाबू प्रसाद की अदालत में चल रही थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मृतका के पति रामकुमार व सास शांति देवी को घटना का दोषी मानते हुए आठ वर्ष का कारावास व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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करौसा गांव में 10 दिसंबर 2015 को रामकुमार की पत्नी मोनी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मामले में मृतका के भाई छेदालाल ने पति रामकुमार, सास शांती देवी, देवर शिवकुमार पर दहेज हत्या का मुकदमा अकबरपुर कोतवाली में दर्ज कराया था। उसने पुलिस को बताया था कि बहन मोनी की शादी 20 अप्रैल 2015 को रामकुमार के साथ की थी। इसके बाद वह लोग दहेज में एक लाख रुपये व पल्सर बाइक की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। मांग पूरी न करने पर गला दबाकर हत्या कर दी। विवेचक ने मृतका के पति व सास के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पंचम बाबू प्रसाद की अदालत में चल रही थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मृतका के पति रामकुमार व सास शांति देवी को घटना का दोषी मानते हुए आठ वर्ष का कारावास व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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