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हैकशोध : 50 टीमें 24 घंटे बिना रुके खोजेंगे समस्या का समाधान
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कानपुर। बिना रुके, बिना थके, लगातार 24 घंटे कंप्यूटर में ध्यान लगाकर समस्याओं का समाधान खोजने में लगे छात्रों का उत्साह देखने लायक था। मौका था छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित हैकशोध नामक राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन का। इसमें देशभर से आईं 50 टीमें पांच अलग-अलग समस्याओं का समाधान खोजेंगी।
दो-दिवसीय आयोजन विश्वविद्यालय की छात्र परिषद, आत्मोदय हॉबी क्लब, इनोवेशन सेल तथा इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एकेडमिक कोलैबोरेशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कोडिंग तक सीमित न रहकर तकनीकी प्रोटोटाइप को बाजार और स्टार्टअप से जोड़ना है। कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के बाद दोपहर एक बजे से कोडिंग की शुरुआत हुई जाे 31 जनवरी दोपहर एक बजे तक चलेगी। इस समय में समस्या का समाधान करने वाले या समस्या के नजदीक पहुंचने वाली टीम विजेता होगी।
हैकशोध के लिए देश भर से 328 टीमों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 50 टीमों का चयन हुआ। इनमें 22 टीमें शहर की है। जिसमें आईआईटी के साथ ही अन्य संस्थानों की टीमें शामिल हैं। टीमों को साइबर सिक्योरिटी : ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी रोकने के अचूक हथियार, एआई और डेटा साइंस : एआई के जरिये कामकाज को आसान बनाना, सस्टेनेबिलिटी : पर्यावरण को बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के तरीके, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) : मशीनों और गैजेट्स को आपस में जोड़कर स्मार्ट लाइफ बनाना और ओपन इनोवेशन : सामाजिक समस्याओं से जुड़े ऐसे अनोखे आइडिया जो बदलाव लाएं जैसे विषयों पर समाधान खोजना है।
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हैकशोध में न सिर्फ इंजीनियरिंग के बल्कि स्कूल के छोटे छात्रों ने भी हिस्सा लिया। इसमें इंजीनियरिंग के छात्र कोडिंग कर रहे थे, वहीं स्कूली छात्रों ने आइडिया पिच से बताया कि वे आने वाले समय में किस तरह की तकनीक देखना चाहते हैं। स्टूडेंट काउंसिल से जुड़े दिव्यांश मिश्रा ने कहा कि विजेताओं को 60,000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
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दो-दिवसीय आयोजन विश्वविद्यालय की छात्र परिषद, आत्मोदय हॉबी क्लब, इनोवेशन सेल तथा इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एकेडमिक कोलैबोरेशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कोडिंग तक सीमित न रहकर तकनीकी प्रोटोटाइप को बाजार और स्टार्टअप से जोड़ना है। कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के बाद दोपहर एक बजे से कोडिंग की शुरुआत हुई जाे 31 जनवरी दोपहर एक बजे तक चलेगी। इस समय में समस्या का समाधान करने वाले या समस्या के नजदीक पहुंचने वाली टीम विजेता होगी।
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हैकशोध के लिए देश भर से 328 टीमों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 50 टीमों का चयन हुआ। इनमें 22 टीमें शहर की है। जिसमें आईआईटी के साथ ही अन्य संस्थानों की टीमें शामिल हैं। टीमों को साइबर सिक्योरिटी : ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी रोकने के अचूक हथियार, एआई और डेटा साइंस : एआई के जरिये कामकाज को आसान बनाना, सस्टेनेबिलिटी : पर्यावरण को बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के तरीके, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) : मशीनों और गैजेट्स को आपस में जोड़कर स्मार्ट लाइफ बनाना और ओपन इनोवेशन : सामाजिक समस्याओं से जुड़े ऐसे अनोखे आइडिया जो बदलाव लाएं जैसे विषयों पर समाधान खोजना है।
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हैकशोध में न सिर्फ इंजीनियरिंग के बल्कि स्कूल के छोटे छात्रों ने भी हिस्सा लिया। इसमें इंजीनियरिंग के छात्र कोडिंग कर रहे थे, वहीं स्कूली छात्रों ने आइडिया पिच से बताया कि वे आने वाले समय में किस तरह की तकनीक देखना चाहते हैं। स्टूडेंट काउंसिल से जुड़े दिव्यांश मिश्रा ने कहा कि विजेताओं को 60,000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी।