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छावनी चुनाव में 45 प्रतिशत मतदान
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 12 Jan 2015 03:14 AM IST
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छावनी बोर्ड चुनाव में सिर्फ 45 फीसदी मतदान हुआ। जबकि 60 फीसदी मतदान की उम्मीद की जा रही थी। 40 हजार मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग नहीं किया।
कुल 82 हजार मतदाताओं की सूची इस बार कैंट बोर्ड ने जारी की थी। सभी 62 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया है।
कैंट बोर्ड क्षेत्र के सभी आठ वार्डों के लिए बनाए गए 11 मतदान केंद्रों और 87 बूथों के लिए रविवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। 10 बजे तक कुल 20 फीसदी से अधिक वोटिंग हो चुकी थी।
कुछ एक बूथों को छोड़कर अन्य सभी पर शुरुआत अच्छी रही। एक दो जगहों पर छिटपुट विरोध भी हुआ, लेकिन पूरी मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आया।
पुलिस और कैंट बोर्ड की पेट्रोलिंग टीम पूरे समय तक मतदान प्रक्रिया पर नजर रखेे रही। बोर्ड के सीईओ अमित कुमार और निर्वाचन अधिकारियों ने भी मौके पर जाकर जायजा लिया।
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कुछ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की तरफ से दो जगहों पर लिस्ट में नाम नहीं होने की शिकायत की गई। लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। मतदान के लिए कुल 87 ईवीएम का इस्तेमाल किया गया।
जबकि 21 ईवीएम को रिजर्व में रखा गया था। पहली बार इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से हुए मतदान को लेकर मतदाताओं में काफी उत्सुकता दिखी।
दिन में दो बजे के बाद जैसे जैसे ठंड बढ़ती गई, मतदाताओं की संख्या में कमी आती गई। रिटर्निंग आफीसर शारदा प्रसाद यादव ने बताया कि सभी वार्डों से पोलिंग पार्टियां देर शाम कैंट बोर्ड मुख्यालय लौट आई।
फेथफुलगंज में बूथ के बाहर हंगामा
कैंट बोर्ड चुनाव में वोटर लिस्ट में नाम और पता गलत दर्ज होने की वजह से वोट न डाल पाने वाले मतदाताओं ने मतदान बहिष्कार की मांग को लेकर फेथफुलगंज बारातशाला में बने बूथ के बाहर हंगामा किया।
यहां पहुंचे सीओ की कार को भी लोगों ने घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें लाठियां पटककर खदेड़ा। वहीं, गोला घाट स्थित बूथ पर भाजपा प्रत्याशी के पति के बैठने पर आपत्ति जताते हुए अन्य दलों के प्रत्याशियों व समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद थानाध्यक्ष ने प्रत्याशी के पति को बूथ से बाहर किया। फेथफुलगंज बारातशाला में 54 से 59 बूथ बनाए गए थे। जिसमें मतदान चल रहा था। कुछ लोगों का नाम और पता मतदाता सूची में गलत दर्ज था।
इनके पास पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशनकार्ड और पेनकार्ड होने के बावजूद वोट नहीं डाल पाए। धीरे - धीरे मतदान न कर पाने वाले मतदाताओं की संख्या बढ़ने लगी। यहां संदीप यादव व अन्य लोगों ने पीठासीन अधिकारी से इस समस्या के निस्तारण की बात की।
लेकिन उन्होंने सूची के अनुसार ही मतदान कराने के लिए कहा। इस पर बूथ से बाहर लोग हंगामा करने लगे। इसी बीच सीओ कैंट पवित्र मोहन त्रिपाठी वहां पहुंचे। वोट डलवाने की मांग करते हुए उनकी कार घेर ली।
सीओ के जाने के बाद लोगों ने नारेबाजी करते हुए मतदान के बहिष्कार की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
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कुल 82 हजार मतदाताओं की सूची इस बार कैंट बोर्ड ने जारी की थी। सभी 62 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया है।
कैंट बोर्ड क्षेत्र के सभी आठ वार्डों के लिए बनाए गए 11 मतदान केंद्रों और 87 बूथों के लिए रविवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। 10 बजे तक कुल 20 फीसदी से अधिक वोटिंग हो चुकी थी।
कुछ एक बूथों को छोड़कर अन्य सभी पर शुरुआत अच्छी रही। एक दो जगहों पर छिटपुट विरोध भी हुआ, लेकिन पूरी मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आया।
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पुलिस और कैंट बोर्ड की पेट्रोलिंग टीम पूरे समय तक मतदान प्रक्रिया पर नजर रखेे रही। बोर्ड के सीईओ अमित कुमार और निर्वाचन अधिकारियों ने भी मौके पर जाकर जायजा लिया।
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कुछ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की तरफ से दो जगहों पर लिस्ट में नाम नहीं होने की शिकायत की गई। लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। मतदान के लिए कुल 87 ईवीएम का इस्तेमाल किया गया।
जबकि 21 ईवीएम को रिजर्व में रखा गया था। पहली बार इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से हुए मतदान को लेकर मतदाताओं में काफी उत्सुकता दिखी।
दिन में दो बजे के बाद जैसे जैसे ठंड बढ़ती गई, मतदाताओं की संख्या में कमी आती गई। रिटर्निंग आफीसर शारदा प्रसाद यादव ने बताया कि सभी वार्डों से पोलिंग पार्टियां देर शाम कैंट बोर्ड मुख्यालय लौट आई।
फेथफुलगंज में बूथ के बाहर हंगामा
कैंट बोर्ड चुनाव में वोटर लिस्ट में नाम और पता गलत दर्ज होने की वजह से वोट न डाल पाने वाले मतदाताओं ने मतदान बहिष्कार की मांग को लेकर फेथफुलगंज बारातशाला में बने बूथ के बाहर हंगामा किया।
यहां पहुंचे सीओ की कार को भी लोगों ने घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें लाठियां पटककर खदेड़ा। वहीं, गोला घाट स्थित बूथ पर भाजपा प्रत्याशी के पति के बैठने पर आपत्ति जताते हुए अन्य दलों के प्रत्याशियों व समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद थानाध्यक्ष ने प्रत्याशी के पति को बूथ से बाहर किया। फेथफुलगंज बारातशाला में 54 से 59 बूथ बनाए गए थे। जिसमें मतदान चल रहा था। कुछ लोगों का नाम और पता मतदाता सूची में गलत दर्ज था।
इनके पास पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशनकार्ड और पेनकार्ड होने के बावजूद वोट नहीं डाल पाए। धीरे - धीरे मतदान न कर पाने वाले मतदाताओं की संख्या बढ़ने लगी। यहां संदीप यादव व अन्य लोगों ने पीठासीन अधिकारी से इस समस्या के निस्तारण की बात की।
लेकिन उन्होंने सूची के अनुसार ही मतदान कराने के लिए कहा। इस पर बूथ से बाहर लोग हंगामा करने लगे। इसी बीच सीओ कैंट पवित्र मोहन त्रिपाठी वहां पहुंचे। वोट डलवाने की मांग करते हुए उनकी कार घेर ली।
सीओ के जाने के बाद लोगों ने नारेबाजी करते हुए मतदान के बहिष्कार की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।