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उन्नाव में बिना जांच पुलिस ने दो नाबालिगों को बना दिया बालिग
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हसनगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव नेवलगंज में दो महीने पहले दीवार निर्माण के दौरान हुए विवाद में पुलिस ने बिना जांच के दो सगे भाइयों को बालिग बताकर शांतिभंग में उनका चालान कर दिया। शनिवार को पुलिस ने दोनों को एसडीएम के सामने पेश किया तो दोनों भाई नाबालिग निकले। कोतवाल को बुलाकर मामले की जानकारी ली गई तो पुलिस की ही गलती निकली। इस पर एसडीएम ने चौकी में तैनात दीवान को तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
कोतवाली क्षेत्र की चौकी मोहान के गांव नेवलगंज निवासी विशंभर जुलाई में घर के बाहर दीवार बनवा रहे थे। जिसका विरोध मनेंद्र ने किया था। दोनों पक्षों में विवाद के बाद मारपीट हुई थी। पुलिस ने बिना जांच के ही गंगाराम के 15 और 16 साल के पुत्रों को बालिग बनाते हुए शांतिभंग में कार्रवाई की थी। हाजिर न होने पर पुलिस ने उनके घर चालान भेजा। शनिवार को दोनों भाई वकील के साथ एसडीएम कोर्ट जमानत कराने पहुंचे। वकील ने अपना पक्षा रखा तो दोनों भाई नाबालिग निकले।
एसडीएम सूरज कुमार यादव ने तत्काल कोतवाल धर्मवीर सिंह को बुलाकर पूछताछ की तो पता चला कि उस समय मोहान चौकी में तैनात दरोगा अखिलेश प्रजापति व दीवान अमर सिंह परमार ने शांतिभंग में दोनों अभियुक्त बनाया था। इसमें चौकी इंचार्ज अखिलेश को पहले ही चौकी हटाकर कोतवाली बुला लिया गया है। एसडीएम के निर्देश पर दीवान अमर सिंह परमार को भी चौकी से हटा दिया गया है।
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कोतवाल धर्मवीर सिंह ने बताया कि तत्कालीन चौकी इंचार्ज व दीवान की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
-मारपीट में की शांतिभंग में कार्रवाई, एसडीएम कोर्ट में मामला आने पर खुली पुलिस की पोल
-एसडीएम के निर्देश पर दीवान को चौकी से हटाया गया, चौकी इंचार्ज पहले ही हटाए जा चुके हैं
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हसनगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव नेवलगंज में दो महीने पहले दीवार निर्माण के दौरान हुए विवाद में पुलिस ने बिना जांच के दो सगे भाइयों को बालिग बताकर शांतिभंग में उनका चालान कर दिया। शनिवार को पुलिस ने दोनों को एसडीएम के सामने पेश किया तो दोनों भाई नाबालिग निकले। कोतवाल को बुलाकर मामले की जानकारी ली गई तो पुलिस की ही गलती निकली। इस पर एसडीएम ने चौकी में तैनात दीवान को तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
कोतवाली क्षेत्र की चौकी मोहान के गांव नेवलगंज निवासी विशंभर जुलाई में घर के बाहर दीवार बनवा रहे थे। जिसका विरोध मनेंद्र ने किया था। दोनों पक्षों में विवाद के बाद मारपीट हुई थी। पुलिस ने बिना जांच के ही गंगाराम के 15 और 16 साल के पुत्रों को बालिग बनाते हुए शांतिभंग में कार्रवाई की थी। हाजिर न होने पर पुलिस ने उनके घर चालान भेजा। शनिवार को दोनों भाई वकील के साथ एसडीएम कोर्ट जमानत कराने पहुंचे। वकील ने अपना पक्षा रखा तो दोनों भाई नाबालिग निकले।
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एसडीएम सूरज कुमार यादव ने तत्काल कोतवाल धर्मवीर सिंह को बुलाकर पूछताछ की तो पता चला कि उस समय मोहान चौकी में तैनात दरोगा अखिलेश प्रजापति व दीवान अमर सिंह परमार ने शांतिभंग में दोनों अभियुक्त बनाया था। इसमें चौकी इंचार्ज अखिलेश को पहले ही चौकी हटाकर कोतवाली बुला लिया गया है। एसडीएम के निर्देश पर दीवान अमर सिंह परमार को भी चौकी से हटा दिया गया है।
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कोतवाल धर्मवीर सिंह ने बताया कि तत्कालीन चौकी इंचार्ज व दीवान की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
-मारपीट में की शांतिभंग में कार्रवाई, एसडीएम कोर्ट में मामला आने पर खुली पुलिस की पोल
-एसडीएम के निर्देश पर दीवान को चौकी से हटाया गया, चौकी इंचार्ज पहले ही हटाए जा चुके हैं