{"_id":"59442c124f1c1b7d0a8b483d","slug":"41497639954-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सदर तहसील में 67 भूमाफिया चिह्नि\nत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सदर तहसील में 67 भूमाफिया चिह्नि त
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। प्रशासन ने अभियान चलाकर सरकारी जमीनों पर हुए कब्जों की लिस्ट तैयार कर ली है। सदर तहसील में 14211 कब्जेदारों ने 218 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अपना कब्जा कर रखा है। कुछ पर तो निर्माण भी कराया लिया गया है। कब्जेदारों में 67 ऐसे हैं जिनके नाम दो से तीन कब्जों में शामिल है।
एंटी भू माफिया सेल ने ऐसे लोगों को भूमाफिया की श्रेणी में रखा है। एसडीएम सदर मेधारूपम ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग की टीम संयुक्त रूप से अभियान चलाकर कब्जे खाली कराएगी।
अपराध रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने एंटी भूमाफिया सेल का गठन कर इन जमीनों को कब्जामुक्त कराने का अभियान शुरू किया है। उन्नाव सदर तहसील क्षेत्र में प्रसासन की ओर से चलाए गए चिन्हांकन अभियान में 14211 ऐसे लोग चिन्हित हुए हैं जो 218 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर रखा है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा कब्जे हाईवे और जिला मार्गों के किनारे की जमीनों पर हुए हैं। गांवों में किसी ने सरकारी जमीन पर घूर डाल रखा है, किसी ने जानवरों का बाड़ा बना लिया तो किसी ने मकान बना लिया है। चिन्हित कब्जेदारों में 67 ऐसे लोग भी चिन्हित हुए हैं जिनका नाम दो से ज्यादा जमीनों के कब्जेदारों में शामिल हैं। प्रशासन ने ऐसे लोगों को भूमाफिया की श्रेणीं में रखा है। अधिकारियों का मानना है कि इन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्जा करना अपना धंधा बना रखा है।
सदर तहसील में 54 ऐसे मामले भी पकड़ में आए हैं जिनमें भू माफियाओं ने तालाबों पर कब्जा कर लिया। तालाबों को पाटकर उनपर अपना मकान या फिर प्लाट बनाकर बेच लिया है। प्रशासन ने ऐसे कब्जेदारों के साथ कड़ाई से निपटने की तैयारी कर रहा है।
सरकारी तालाब, नाला, चरागाह या परती भूमि पर कब्जा करने वालों में अधिकांश ऐसे लोग हैं जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। कोई किसी पार्टी का कार्यकर्ता है तो कोई पदाधिकारी। इनमें सपा, बसपा व अन्य दलों के अलावा भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
एसडीएम सदर मेधा रूपम ने बताया कि जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की प्रतिदिन रिपोर्ट उच्चाधिकारियों और शासन को भेजनी है। कब्जा की गई जमीनें और उनपर कब्जा करने वालों का चिन्हीकरण पूरा हो गया है। अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने माना कि कब्जा हटवाने के लिए भेजे जाने वाले राजस्व विभाग के कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं इससे वह अक्सर कतरा जाते हैं। बताया कि इसके लिए संबंधित थानों को कब्जा हटवाने जा रही टीमों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
कब्जा कर रखी है 5360 गाटों की 218 हेक्टेयर सरकारी जमीन
पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें संयुक्त रूप से चलाएंगी अभियान
विज्ञापन
उन्नाव। प्रशासन ने अभियान चलाकर सरकारी जमीनों पर हुए कब्जों की लिस्ट तैयार कर ली है। सदर तहसील में 14211 कब्जेदारों ने 218 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अपना कब्जा कर रखा है। कुछ पर तो निर्माण भी कराया लिया गया है। कब्जेदारों में 67 ऐसे हैं जिनके नाम दो से तीन कब्जों में शामिल है।
एंटी भू माफिया सेल ने ऐसे लोगों को भूमाफिया की श्रेणी में रखा है। एसडीएम सदर मेधारूपम ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग की टीम संयुक्त रूप से अभियान चलाकर कब्जे खाली कराएगी।
विज्ञापन
अपराध रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने एंटी भूमाफिया सेल का गठन कर इन जमीनों को कब्जामुक्त कराने का अभियान शुरू किया है। उन्नाव सदर तहसील क्षेत्र में प्रसासन की ओर से चलाए गए चिन्हांकन अभियान में 14211 ऐसे लोग चिन्हित हुए हैं जो 218 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर रखा है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा कब्जे हाईवे और जिला मार्गों के किनारे की जमीनों पर हुए हैं। गांवों में किसी ने सरकारी जमीन पर घूर डाल रखा है, किसी ने जानवरों का बाड़ा बना लिया तो किसी ने मकान बना लिया है। चिन्हित कब्जेदारों में 67 ऐसे लोग भी चिन्हित हुए हैं जिनका नाम दो से ज्यादा जमीनों के कब्जेदारों में शामिल हैं। प्रशासन ने ऐसे लोगों को भूमाफिया की श्रेणीं में रखा है। अधिकारियों का मानना है कि इन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्जा करना अपना धंधा बना रखा है।
सदर तहसील में 54 ऐसे मामले भी पकड़ में आए हैं जिनमें भू माफियाओं ने तालाबों पर कब्जा कर लिया। तालाबों को पाटकर उनपर अपना मकान या फिर प्लाट बनाकर बेच लिया है। प्रशासन ने ऐसे कब्जेदारों के साथ कड़ाई से निपटने की तैयारी कर रहा है।
सरकारी तालाब, नाला, चरागाह या परती भूमि पर कब्जा करने वालों में अधिकांश ऐसे लोग हैं जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। कोई किसी पार्टी का कार्यकर्ता है तो कोई पदाधिकारी। इनमें सपा, बसपा व अन्य दलों के अलावा भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
एसडीएम सदर मेधा रूपम ने बताया कि जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की प्रतिदिन रिपोर्ट उच्चाधिकारियों और शासन को भेजनी है। कब्जा की गई जमीनें और उनपर कब्जा करने वालों का चिन्हीकरण पूरा हो गया है। अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने माना कि कब्जा हटवाने के लिए भेजे जाने वाले राजस्व विभाग के कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं इससे वह अक्सर कतरा जाते हैं। बताया कि इसके लिए संबंधित थानों को कब्जा हटवाने जा रही टीमों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
कब्जा कर रखी है 5360 गाटों की 218 हेक्टेयर सरकारी जमीन
पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें संयुक्त रूप से चलाएंगी अभियान