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इटावा: 34 शिक्षकों पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार, वर्ष 2005 की बीएड डिग्री के आधार पर पाई नौकरी

Wed, 22 Jan 2020 09:03 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 22 Jan 2020 09:03 PM IST
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34 more teachers can be sacked for get job in basic education council schools tampering with records
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
इटावा में बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में फर्जी और अभिलेखों में छेड़छाड़ कर नौकरी करने वाले 34 और शिक्षकों पर बर्खास्तगी की गाज गिरने वाली है। इन्हें बीएसए ने नोटिस जारी कर हफ्ते भर में जवाब मांगा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ये सभी शिक्षक डॉ. बीआर आंबेडकर आगरा विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2005 की बीएड डिग्री के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी कर रहे हैं। इनकी नियुक्ति वर्ष 2007 से 2013 के बीच की है।
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वर्ष 2011 के बाद बेसिक शिक्षा परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में आगरा विवि के 2005 बीएड प्रशिक्षित 87 अभ्यर्थियों की नियुक्ति  सहायक अध्यापक के पद पर विभिन्न विद्यालयों में की गई। हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने आगरा विवि के वर्ष 2005 के बीएड प्रशिक्षितों की जांच की गई।

विशेष अनुसंधान दल ने इन मामलों की विवेचना की। इस दौरान 57 सहायक अध्यापकों के बीएड 2005 के प्रमाण पत्र संदेहास्पद मिले। फर्जी एवं टेंपर्ड प्रमाणपत्रों के आधार पर 4 जनवरी 2020 को 23 शिक्षकों के बर्खास्तगी आदेश जारी हो चुके हैं।

इसके बाद  शेष 34 शिक्षकों की जांच जारी रही। विशेष अनुसंधान दल की विवेचना में इन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी एवं टेंपर्ड मिले। इस रिपोर्ट को बीएसए कार्यालय सबमिट कर दिया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद बीएसए ने सभी 34 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि उनके वर्ष 2005 के बीएड प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र फर्जी एवं टेंपर्ड निकले हैं। यदि इस संबंध में उन्हें अपनी सफाई में अथवा साक्ष्य के रूप में कुछ कहना है तो एक सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल कर दें।
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जवाब संतोषजनक अथवा तथ्यहीन मिलने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि 34 शिक्षकों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। 

जिले में अभी तक 32 शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त
शासन के आदेश पर चल रही जांच के बाद अभी तक जिले में 32 शिक्षकों की बर्खास्तगी हो चुकी है। इनमें 23 शिक्षक आगरा वर्ष 2005 बीएड वाले हैं। शेष नौ शिक्षकों की टीईटी प्रमाण पत्रों के फर्जी मिलने पर बर्खास्त किया जा चुका है। बर्खास्तगी की यह कार्रवाई जनवरी 2020 में ही हुई है।
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