फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   32 lakh cheats in the name of getting jobs in agriculture department in kanpur

यूपी: कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर रिटायर फैजी के दो बेटों सहित चार लोगों से 32 लाख ठगे

Wed, 03 Jul 2019 01:48 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 03 Jul 2019 01:48 PM IST
विज्ञापन
32 lakh cheats in the name of getting jobs in agriculture department in kanpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
कानपुर में जालसाजों ने कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर रिटायर फैजी के दो बेटों सहित चार लोगों से 32 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए। जब वे संबंधित विभाग में नौकरी जॉइन करने पहुंचे तब उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। पीड़ितों ने एसएसपी से शिकायत की है। एसएसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 
विज्ञापन


रतवा, गजनेर (कानपुर देहात) निवासी किसान बलसिंह यादव का बेटा सत्यजीत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। सत्यजीत के मुताबिक वर्ष 2016 में मोहल्ले के ही चंद्र प्रकाश उर्फ सीपी और विजय उर्फ छुटकऊ ने कृषि विभाग में नौकरी दिलाने की बात कही।
विज्ञापन

सत्यजीत के हामी भरने पर सीपी और विजय ने बर्रा के गुंजन विहार कालोनी निवासी विजय वर्मा और पिता भागीरथी वर्मा से उसकी मुलाकात कराई। विजय का बजरंगबली कन्सलटेंसी नाम से सोमदत्त प्लाजा में ऑफिस है।

सत्यजीत ने अपने दोस्तों बृजेश विक्रम सिंह, संदीप कुमार व उसके भाई दिलीप सिंह को भी विजय से मिलवाया। चारों से विजय ने कृषि विभाग में एपीओ पद पर नौकरी लगवाने की बात कहकर कुल 32 लाख रुपये ले लिए। कुछ पैसा चेक से तो कुछ नकद लिया था। संदीप व दिलीप रिटायर फौजी के बेटे हैं। 

मुगलसराय पहुंचे ट्रेनिंग करने
रुपये लेने के बाद जालसाजों ने मुगलसराय स्थित एक अपार्टमेेंट में दो माह तक चारों युवकों को ट्रेनिंग दिलाई। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। नियुक्ति पत्र लेकर सभी कृषि विभाग, मुगलसराय के कार्यालय पहुंचे तो पता चला सब फर्जी है। इसके  बाद पीड़ितों ने जालसाजों से रुपये की मांग की तो करीब तीन साल टहलाने के बाद ठगों ने 15 लाख का चेक दे दिया। हालांकि यह बाउंस हो गया।

आखिर में उन्होंने एसएसपी से शिकायत कर रिपोर्ट दर्ज करवाई। कोतवाली इंस्पेक्टर आशीष कुमार शुक्ला ने बताया कि पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने बीस से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दिलवाई थी। ऐसे में आशंका है कि ठगी के शिकार और भी लोग हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed