Investment Fraud: निवेश के नाम पर 32.11 लाख की ठगी, पुणे और मुंबई के खातों में ट्रांसफर किया गया था पैसा
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक व्यक्ति से ऑनलाइन निवेश के नाम पर 32.11 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस मामले में पुलिस ने पांच नंबर निकाले हैं, जिन्होंने पीड़ित से बात की थी। ठगी की रकम को पुणे और मुंबई के तीन खातों में ट्रांसफर किया गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में बाबूपुरवा के ढकनापुरवा निवासी वली मोहम्मद अंसारी संग ठगी के मामले में पुलिस को एक अहम जानकारी हासिल हुई है। साइबर ठगों ने उनकी रकम तीन खातों में रकम ट्रांसफर की थी। वहीं घटना में करीब पांच मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल किया था।
पुलिस अब खाता धारकों और मोबाइल नंबर धारकों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ इनका सत्यापन कराने की तैयारी कर रही है। ढकनापुरवा बाबूपुरवा निवासी वली मोहम्मद अंसारी के पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले शख्स ने निवेश कंपनी में बड़ा मुनाफा होने का झांसा देकर उन्हें हिलटान निवेश एप डाउन लोड कराया था।
इस दौरान भारत विजय जासुद ने राजेंद्र नगर नई दिल्ली में अपना दफ्तर होने की जानकारी दी थी। झांसे में आकर वली मोहम्मद ने पहले एक हजार-एक हजार रुपये निवेश किए। इसमें अच्छा मुनाफा होने के बाद वह धीरे-धीरे रकम बढ़ाते जाए। बड़े मुनाफे के लालच में उन्होंने बड़ी रकम 32.11 लाख रुपये लगा दी।
उसके बाद उनके मोबाइल पर वह एप बंद हो गई थी। इसके बाद उन्होंने संबंधित नंबरों पर संपर्क किया, लेकिन बात नहीं बनी थी। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया है कि साइबर ठगों ने पुणे के एक और नागपुर को दो खातों में रमक को ट्रांसफर की है।
पुलिस ने तीनों खाता धारकों का ब्योरा जुटाया है। वहीं पुलिस ने वली मोहम्मद से फोन पर संपर्क करने वाले पांच लोगों के मोबाइल नंबर भी जुटाए हैं। जिन पर काम शुरू किया गया है। जल्द ही खातों और मोबाइल नंबरों के सत्यापन के लिए टीम पुणे और नागपुर जाने की तैयारी कर रही है।
थाना प्रभारी साइबर सेल हरमीत सिंह ने बताया कि खातों और काल डिटेल रिकार्ड से वली मोहम्मद अंसारी से बातचीत करने वाले पांच मोबाइल नंबर मिले हैं। खाता धारकों और मोबाइल नंबर चलाने वालों का सत्यापन किया जाना है। टीम को दोनों स्थानों पर भेजने के लिए साइबर मुख्यालय में प्रार्थना पत्र देकर अनुमति मांगी है।