UP: 3000 करोड़ से बनेगी 30KM लंबी एलिवेटेड इनर रिंग रोड, पिलर बनाकर होगा निर्माण…छह रैंप बनेंगे, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर इनर रिंग रोड की डिजाइन को हरी झंडी दे चुके हैं। पिछले साल 8 अक्तूबर को पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष यादव को इस महत्वपूर्ण योजना की डीपीआर बनाने और एनएचएआई से धन दिलाने के लिए पत्र लिखा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सहमति जताने के बाद शहर में 30 किलोमीटर लंबी इनर रिंग रोड (गंगा लिंक एक्सप्रेसवे) का निर्माण जल्द शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए धन का प्रावधान होने की उम्मीद है।
करीब तीन हजार करोड़ रुपये की लागत वाली चार लेन की इनर रिंग रोड बनने से शहरवासियों के साथ ही बाहर से आने वाले लाखों लोगों को जाम से निजात मिलेगी। उच्च स्तरीय समग्र विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने 2017 में गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के नाम से इनर रिंग रोड निर्माण का खाका खींचा था।
शहरी क्षेत्र में बढ़ रहे दबाव एवं दुर्घटनाओं पर हुई चर्चा
तत्कालीन मंडलायुक्त ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। 20 जून 2018 को शासन में तत्कालीन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें शहर के बीच से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) 91, एनएच-25 और एनएच-2 पर संचालित यातायात से शहरी क्षेत्र में बढ़ रहे दबाव एवं दुर्घटनाओं पर चर्चा हुई।
कमेटी ने उपयोगिता का आकलन किया
इसके मद्देनजर परियोजना की फंडिंग और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय से अनुरोध करने का निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इसकी उपयोगिता का आकलन किया।
डीपीआर बनाने और धन दिलाने के लिए लिखा था पत्र
आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर इनर रिंग रोड की डिजाइन को हरी झंडी दे चुके हैं। पिछले साल 8 अक्तूबर को पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष यादव को इस महत्वपूर्ण योजना की डीपीआर बनाने और एनएचएआई से धन दिलाने के लिए पत्र लिखा था।
केंद्रीय मंत्री ने सहमति जताई
शुक्रवार (14 फरवरी) को नितिन गडकरी के शहर आगमन के दौरान सांसद रमेश अवस्थी ने उन्हें गंगा लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए पत्र दिया था। सांसद का दावा है कि केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए सहमति जताई और इसे आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
ऐसे बनेगी रिंग रोड
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के बगल में स्थित मकड़ीखेड़ा मार्ग से मैनावती मार्ग, गंगा बैराज पुल को पार करते हुए दाहिनी तरफ अर्द्धचंद्राकार आकार में घुमाव लेते हुए क्षतिग्रस्त पुराने गंगापुल से पहले झाड़ी बाबा पड़ाव की तरफ रोड उतरेगी।
कुछ ऐस होगा रिंग रोड का रूट
यहां से जुहारी देवी रोड, माल रोड, एक्सप्रेस रोड, घंटाघर, कोपरगंज, डिप्टी पड़ाव, जरीबचौकी, कालपी रोड होते हुए विजयनगर से दाहिने मुड़कर नमक फैक्ट्री चौराहा, आवास-विकास कालोनी, भारतीय दलहन अनुसंधान केंद्र होते हुए मकड़ीखेड़ा रोड से मिलेगी।
एक नजर में रोड
- इनर रिंग रोड की लंबाई- 30 किलोमीटर।
- चौड़ाई- चार लेन (14 मीटर) ।
- मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक की तरह वर्तमान सड़कों के ऊपर पिलर बनाकर होगा निर्माण।
- सड़क के बीच में बनने वाले पिलर की मोटाई होगी- ढाई मीटर।
- चढ़ने, उतरने के लिए रैंप- छह।
- लागत- अनुमानित तीन हजार करोड़ रुपये।
- लाभ- शहर के घनी आबादी वाले मोहल्लों से नवविकसित क्षेत्र में यातायात सुगम होगा।