13 भू स्वामी-तीन ग्राम पंचायतों पर 306 करोड़ जुर्माना, क्रोमियम डंप के मामले में एनजीटी की कार्रवाई
इससे पहले एनजीटी छह फैक्टरियों पर 280 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा चुका है। हालांकि इन फैक्टरियों से अभी तक वसूली नहीं हो सकी है। खानचंदपुर में क्रोमियम डंप होने से रनियां व आसपास के गांवों का भूगर्भ जल प्रदूषित हो गया है। हैंडपंपों और ट्यूबवेलों से पीला पानी निकल रहा है। इसके इस्तेमाल से लोग बीमार और फसलें खराब हो रही हैं।
कई दशक से चल रहे इस मामले में एनजीटी ने प्रदूषित कचरा हटवाने और भूगर्भ जल को ट्रीटमेंट करने के लिए 586 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया था। इस धनराशि की वसूली के लिए क्रोमियम डंप करने वाली छह इकाइयों पर 280 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया था। इसकी वसूली की कार्रवाई जिला प्रशासन के पास है।
प्रोजेक्ट की शेष लागत 306 करोड़ रुपये और वसूलने की तैयारी है। किशरवल, उमरन, प्रसिद्धपुर भांट ग्राम पंचायतों को 113 करोड़ रुपये जुर्माने का नोटिस दिया गया है। उमरन गांव के 13 भू स्वामियों से 93 करोड़ वसूले जाएंगे। इन्हीं की जमीन पर क्रोमियम डंप किया गया था।
इन लोगों से होगी वसूली
उमरन गांव के प्रभात पोद्दार, राकेश पोद्दार, रवि पोद्दार, गिरीश चंद्र, मंजूलता, राजश्री, सरला, दिनेश चंद्र, राजेंद्र कुमार, राकेश कुमार, रामस्वरूप, अरविंद कुमार, शुभम से वसूली होगी। हालांकि इन पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जुर्माने की रकम स्पष्ट नहीं की है। इनमें से अधिकांश भू स्वामी ऐसे हैं, जिन्होंने फैक्टरी लगाने के लिए उमरन ग्राम सभा में जमीनें खरीदी थीं। फैक्ट्री लगाने के बजाय जमीन पर कचरा डंप कराते रहे।
क्रोमियम डंप किए गए स्थान का विवरण राजस्व विभाग से मांगा गया था। इसके बाद एनजीटी को रिपोर्ट भेजी गई थी। एनजीटी ने जुर्माने की रकम का निर्धारण कर दिया है। इसकी वसूली के लिए तीन ग्राम पंचायतों और भू स्वामियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
आनंद कुमार आनंद, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड