दस साल से गायब हैं 29 पाकिस्तानी, स्पेशल वीजा लेकर देखने अाए थे मैच
एलआईयू के अधिकारी भी पुराने अधिकारियों पर जिम्मेदारी डाल मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। एलआईयू से ऐसी चूक कैसे हो गई जबकि बार्डर से इंट्री के साथ हर कदम पर पाकिस्तानी नागरिकों पर एलआईयू की नजर रहती है। बताया जाता है कि उस क्रिकेट मैच की सीरीज के लिए स्पेशल वीजा जारी हुए थे। एलआईयू सूत्रों के मुताबिक वे पाकिस्तानी नागरिक अपने तय प्वाइंट की जगह कहीं और से पाकिस्तान गए होगें इसलिए रिकार्ड नहीं मिल रहा है।
सिर्फ पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अलग दफ्तर
पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों के इंट्री प्वाइंट (राजस्थान के मुनाबाव और पंजाब के वाघा,नई दिल्ली एयरपोर्ट) से ही उनसे पूरी जानकारी ली जाती है। मुनाबाव और वाघा से सड़क मार्ग द्वारा पाकिस्तानी नागरिक भारत में दाखिल होते है। यहां पर उनके लिए आब्रजन विभाग का दफ्तर बना है। दफ्तर पहुंचते ही उन्हें जिस शहर में जाना है वहां के एलआईयू ऑफिस में सूचना चली जाती है। पाकिस्तानी नागरिकों को भारत में रहने के लिए ‘विजिट वीजा’ मिलता है। जिसकी अधिकतम अवधि नब्बे दिन की होती है। पाकिस्तानी नागरिक को भारत के किस शहर में ,किसके घर, कितने दिन के लिए जाना है इसकी पूरी जानकारी देनी पड़ती है। जिसके बाद ही उसे सिर्फ उस शहर के लिए वीजा मिलता है।