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Kanpur News: आंधी में फॉल्ट से गुल रही 200 गांवों की बिजली

Fri, 12 Jun 2026 01:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 12 Jun 2026 01:39 AM IST
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200 villages lost power due to a fault in the storm.
कानपुर देहात। जनपद में बुधवार देर रात तेज आंधी आई। आंधी में डेरापुर के 33 केवी विद्युत केंद्र से जुड़ी लाइन में फॉल्ट होने से को डेरापुर और आसपास के करीब 100 गांवों की बिजली लगभग सात घंटे तक बाधित रही। वहीं, झींझक के करीब 100 गांवों की बिजली पांच घंटे तक गुुल रही। दोनों ही जगह बृहस्पतिवार सुबह फॉल्ट दुरुस्त होने के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
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बुधवार रात दो बजे के करीब डेरापुर के जटियापुर बिजलीघर से डेरापुर क्षेत्र के उपकेंद्रों को आपूर्ति देने वाली लाइन में फॉल्ट हो गया। इसके चलते उरसान, अगवासी, निम्दापुर, सरगवां, बलाई, चम्पतपुर, खजुरी, खल्ला, रतनियापुर, जिगनिस, बड़ागांव, दस्तमपुर, खजुर्रा, उदनापुर, ननथू, सब्दलपुर, बिजहरा समेत करीब 100 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बिजली गुल होते ही विभागीय टीम ने फॉल्ट की तलाश शुरू की। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद सुबह नौ बजे फॉल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल की गई। रातभर बिजली न रहने से लोगों को गर्मी और उमस से परेशान होना पड़ा। वहीं सुबह तक बिजली न आने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। जेई अवधेश कुमार ने बताया कि तेज हवा और बारिश के चलते कई इंसुलेटर फॉल्ट हो गए थे। विभागीय टीम ने खराबी दूर कर दी है और विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से चालू करा दी गई है।
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वहीं, बुधवार रात करीब 1:10 बजे तेज आंधी आने से झींझक के लगरथा रोड विद्युत उपकेंद्र से जुड़े मंगलपुर फीडर में सुरासी गांव के पास, औरंगाबाद फीडर में नसीरपुर के निकट तथा अकारू फीडर में कठरा और बान गांव के पास फॉल्ट हो गया। फॉल्ट से औरंगाबाद, गौरी, नसीरपुर, शाहपुर, परजनी, मंगलपुर, सुरासी, मुडेरा, उइछा, लगरथा, खानपुर, जगदीशपुर समेत करीब 100 गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
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रात में बिजली गुल होने से लोगों की नींद उड़ गई। भीषण गर्मी और उमस के बीच पंखे, कूलर और अन्य उपकरण बंद हो जाने से लोग रातभर परेशान रहे। कई गांवों में पानी की मोटरें नहीं चल सकीं, जिससे पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई। औरंगाबाद निवासी पुष्पेंद्र, मंगलपुर के अमित, परजनी के बबलू और शाहपुर के अनुज ने बताया कि पूरी रात बिजली न रहने से परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर विद्युत निगम की टीम सक्रिय हुई। लाइनमैनों ने रात में ही विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर फॉल्ट की तलाश शुरू की। कई स्थानों पर टूटे तार और तकनीकी खराबियां मिलने के बाद मरम्मत कार्य किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:10 बजे सभी फॉल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दी गई। एसडीओ झींझक लवकुमार वर्मा ने बताया कि तेज आंधी के कारण विभिन्न स्थानों पर फॉल्ट हुआ था। विभागीय टीम ने रातभर अभियान चलाकर सभी खराबियों को ठीक किया। जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारु करा दी गई।
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पूर्व राष्ट्रपति के गांव का एक ट्रांसफार्मर फुंका
डेरापुर। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख में शिवकुमार गुप्ता के मकान के सामने रखा 16 केवीए का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से उससे जुड़े करीब 30 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। गांव के शिवकुमार, रजा हसन, ललित मोहन, सुभाष चंद्र, रामबाबू, तुफैल शरीफ, साबिरा, आत्माराम और भगवानदास समेत अन्य उपभोक्ताओं ने बिजलीघर पहुंचकर जेई से ट्रांसफॉर्मर बदलवाने की मांग की। जेई अवधेश कुमार ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया है। बिजली आपूर्ति और ट्रांसफॉर्मर खराब होने संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान का प्रयास किया जा रहा है। (संवाद)
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फोटो-05-कठरा गांव में फुका पड़ा टांसफार्मर। संवाद
दो माह से फुंके पड़े तीन ट्रांसफार्मर, आधे गांव में अंधेरा
- उमस भरी गर्मी में बिजली संकट से परेशान ग्रामीण, पेयजल और घरेलू कामकाज भी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी

संदलपुर। विद्युत उपकेंद्र झींझक से जुड़े कठरा गांव में लगे तीन ट्रांसफार्मर पिछले दो माह से फुंके पड़े हैं। इससे गांव के करीब आधे हिस्से में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। कई बार शिकायत के बावजूद ट्रांसफार्मर न बदले जाने से लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
कठरा गांव की आबादी करीब दो हजार है। गांव में 200 से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन हैं। आपूर्ति के लिए विभाग की ओर से दो 10 केवीए और एक 15 केवीए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य आलोक कुमार ने बताया कि तीनों ट्रांसफार्मर करीब दो माह पहले फुंक गए थे। इसके बाद से गांव के बड़े हिस्से में बिजली नहीं पहुंच रही है। बिजली संकट के कारण ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। घरों में लगी मोटरें और सबमर्सिबल बंद होने से लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकते हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को दूसरे मोहल्लों का सहारा लेना पड़ रहा है।

ग्राम प्रधान कमलेश सविता ने बताया कि ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए 15 दिन पहले विद्युत हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए तो वे विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उधर, विद्युत उपकेंद्र झींझक के अवर अभियंता बलवान सिंह ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही उपकेंद्र का कार्यभार संभाला है। मामले की जानकारी कराकर जल्द ही फुंके ट्रांसफार्मरों को बदलवाने की कार्रवाई की जाएगी।
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