{"_id":"611161198ebc3e7ad1399ff8","slug":"2-40-crore-scam-in-mohani-tea-group","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लोन की रकम में किया फर्जीवाड़ा: मोहिनी चाय ग्रुप में 2.40 करोड़ का घोटाला, भाई ने निदेशक समेत छह पर कराया केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोन की रकम में किया फर्जीवाड़ा: मोहिनी चाय ग्रुप में 2.40 करोड़ का घोटाला, भाई ने निदेशक समेत छह पर कराया केस
Mon, 09 Aug 2021 10:41 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 09 Aug 2021 10:41 PM IST
सार
आरोप है कि इन सभी आरोपियों ने मिलकर कोरोना काल में राहत के नाम पर लिए गए अतिरिक्त लोन की रकम में घोटाला किया। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोहिनी चाय ग्रुप में 2 करोड़ 40 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। कंपनी के निदेशक (डायरेक्टर) ने अपने भाई (कंपनी के डायरेक्टर) समेत छह लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, गिरोहबंदी समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
आरोप है कि इन सभी आरोपियों ने मिलकर कोरोना काल में राहत के नाम पर लिए गए अतिरिक्त लोन की रकम में घोटाला किया। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। मोहिनी टी लीव्ज प्रालि. में रमेश चंद्र अग्रवाल एमडी हैं। रमेश के भाई दिनेश चंद्र और सुरेश चंद्र कंपनी के निदेशक हैं।
दिनेश चंद्र अग्रवाल ने रमेश चंद्र अग्रवाल, उनकी पत्नी, बेटा, बहू, प्रिया वर्मा व जावेद खान के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने राहत के नाम पर लिए गए अतिरिक्त लोन 2 करोड़ 40 लाख रुपये में घोटाला कर दिया। 70 लाख रुपये निजी खाते में भी ट्रांसफर किए। इसकी जानकारी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को नहीं दी गई। कंपनी में दिनेश की बीस फीसदी की हिस्सेदारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप है कि इन सभी आरोपियों ने मिलकर कोरोना काल में राहत के नाम पर लिए गए अतिरिक्त लोन की रकम में घोटाला किया। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। मोहिनी टी लीव्ज प्रालि. में रमेश चंद्र अग्रवाल एमडी हैं। रमेश के भाई दिनेश चंद्र और सुरेश चंद्र कंपनी के निदेशक हैं।
विज्ञापन
दिनेश चंद्र अग्रवाल ने रमेश चंद्र अग्रवाल, उनकी पत्नी, बेटा, बहू, प्रिया वर्मा व जावेद खान के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने राहत के नाम पर लिए गए अतिरिक्त लोन 2 करोड़ 40 लाख रुपये में घोटाला कर दिया। 70 लाख रुपये निजी खाते में भी ट्रांसफर किए। इसकी जानकारी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को नहीं दी गई। कंपनी में दिनेश की बीस फीसदी की हिस्सेदारी है।
विज्ञापन
वादी ने दर्ज कराए बयान
कोतवाली पुलिस ने सोमवार को केस के वादी दिनेश चंद्र के बयान दर्ज किए। दिनेश चंद्र ने अपने बयानों में कहा कि जिस तरह से राहत लोन पास कराया गया और खाते में ट्रांसफर किया गया प्रक्रिया पूरी फर्जी है। बिना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की जानकारी उनको गारंटर भी बना दिया गया। इस संबंध में उन्होंने कुछ साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं।
बैंक प्रबंधन पर भी उठाए सवाल
दिनेश चंद्र ने बैंक प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बयानों में उन्होंने कहा कि यस बैंक से लोन पास हुआ। 70 लाख रुपये इसी साल 17 व 19 मार्च को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया। ये रकम रमेश चंद्र व हर्षित अग्रवाल के खातों में भेजी गई।
लोन 17 फरवरी को लिया गया था। दर्शाया गया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 27 मार्च को हुई थी। जो हुई ही नहीं। इस तरह से अन्य आरोपियों के खातों में रकम जमा की गई। बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जावेद खान व उपाध्यक्ष प्रिया वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है। सोमवार को पुलिस बैंक पहुंची। संबंधित लोगों को नोटिस भेज बयान दर्ज कराने को कहा है। कुछ दस्तावेज भी मांगे हैं।
कोतवाली पुलिस ने सोमवार को केस के वादी दिनेश चंद्र के बयान दर्ज किए। दिनेश चंद्र ने अपने बयानों में कहा कि जिस तरह से राहत लोन पास कराया गया और खाते में ट्रांसफर किया गया प्रक्रिया पूरी फर्जी है। बिना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की जानकारी उनको गारंटर भी बना दिया गया। इस संबंध में उन्होंने कुछ साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं।
बैंक प्रबंधन पर भी उठाए सवाल
दिनेश चंद्र ने बैंक प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बयानों में उन्होंने कहा कि यस बैंक से लोन पास हुआ। 70 लाख रुपये इसी साल 17 व 19 मार्च को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया। ये रकम रमेश चंद्र व हर्षित अग्रवाल के खातों में भेजी गई।
लोन 17 फरवरी को लिया गया था। दर्शाया गया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 27 मार्च को हुई थी। जो हुई ही नहीं। इस तरह से अन्य आरोपियों के खातों में रकम जमा की गई। बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जावेद खान व उपाध्यक्ष प्रिया वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है। सोमवार को पुलिस बैंक पहुंची। संबंधित लोगों को नोटिस भेज बयान दर्ज कराने को कहा है। कुछ दस्तावेज भी मांगे हैं।