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Kanpur News: पहले दिन 10 शिविरों में 191 ई-रिक्शे-ऑटो का हुआ पंजीकरण
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छावनी थाने में पंजीकरण कराते लोग।
- फोटो : संवाद
कानपुर। ई-रिक्शा व ई-ऑटो के पंजीकरण के लिए सोमवार को शहर में 10 स्थानों पर शिविर लगाकर 191 पंजीकरण किए गए। आरटीओ से नगर निगम को दिया गया डाटा अपडेट न होने से पंजीकरण में दिक्कत आई। नगर निगम, यातायात पुलिस व आरटीओ के सहयोग से सोमवार से एक माह के लिए रोजाना सुबह नौ से पांच बजे शिविर लगाए जाएंगे।
कई ई-रिक्शा चालकों ने आरटीओ में रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में उनका डाटा अपडेट न होने से पंजीकरण नहीं हो पा रहा था। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अब से डाटा खुद ही अपडेट होते रहने से दिक्कत नहीं आएगी।
कई शिविरों में 1970 से पहले बने डीएल का डाटा नगर निगम के रिकॉर्ड में न होने की जानकारी आरटीओ को दी गई है। शिविरों में 400 से अधिक ई-रिक्शा व ई-ऑटो चालक पहुंचे लेकिन बीमा, फिटनेस, प्रदूषण व अन्य कागजात न होने की वजह से अधिकतर वापस लौट गए। पंजीकरण शुल्क 120 रुपये तय किया गया है।
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इन 10 जगहों पर लगे शिविर
जोन दो नगर निगम कार्यालय, ट्रैफिक पुलिस लाइन, छावनी थाना, गुंजन टाकीज पार्किंग परिसर, नगर निगम मुख्यालय, जीआईसी ग्राउंड चुन्नीगंज, जोन-5 नगर निगम कार्यालय, बाबूपुरवा व बर्रा थाना, अर्मापुर थाना परिसर।
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पंजीकरण
पंजीकरण के बाद नगर निगम से रजिस्टर्ड नंबर पर कॉल कर बुलाया जाएगा और फिर रूट के हिसाब से क्यूआर कोड वितरित होगा। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पंजीयन हो रहा है। इसके बाद रूट निर्धारित किए जाएंगे। विभिन्न रूटों पर अलग-अलग संख्या में ई-रिक्शा व ई-ऑटो के पंजीकरण होंगे। पंजीकरण के लिए चालकों को रिक्शा या ऑटो, पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, बीमा, आरसी, स्वामित्व की प्रमाणिकता, ई-रिक्शा के आगे-पीछे की फोटो, वाहन स्वामी व चालक की पासपोर्ट साइज फोटो लानी अनिवार्य है। अब ई-रिक्शा व ई-ऑटो निर्धारित 40 रूटों पर ही दौड़ेंगे। पुलिस के अलग-अलग जोन के लिए चार रंगों के क्यूआर कोड जारी किए गए हैं। शहर में दौड़ रहे करीब एक लाख ई-रिक्शों में से सिर्फ 40 हजार ही आरटीओ से पंजीकृत हैं।
सुबह से हो गई शाम, नहीं पहुंचे अधिकारी
कानपुर। गुंजन टाकीज के पास लगे शिविर में सुबह आठ बजे से ही ई-रिक्शा व ई-ऑटो चालक पहुंचने लगे थे। सुबह 11 बजे मेडिकल टीम आकर जांच करने लगी लेकिन नगर निगम, आरटीओ व यातायात पुलिस के अधिकारी नहीं पहुंचे। पंजीकरण कराने पहुंचे ई-रिक्शा चालक गौरव शर्मा, विनोद कुमार राठौर आदि ने बताया कि कोई अधिकारी नहीं आया। ढाई बजे करीब 30 ई-रिक्शा चालक मायूस होकर लौट गए। शिविर में शाम पांच बजे तक कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। (संवाद)
पहले दिन रिकॉर्ड अपडेट न होने से कुछ दिक्कतें आई। अब डाटा अपडेट कर दिया गया है। अगर किसी का फिटनेस पूरा नहीं है तो पहले आरटीओ जाकर करा ले और उसके बाद ही शिविर में पंजीकरण कराने आए। इसी तरह बीमा भी होना अनिवार्य है।
राहुल सब्बरवाल, प्रभारी अधिकारी, आईटी, कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, नगर निगम
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कई ई-रिक्शा चालकों ने आरटीओ में रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में उनका डाटा अपडेट न होने से पंजीकरण नहीं हो पा रहा था। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अब से डाटा खुद ही अपडेट होते रहने से दिक्कत नहीं आएगी।
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कई शिविरों में 1970 से पहले बने डीएल का डाटा नगर निगम के रिकॉर्ड में न होने की जानकारी आरटीओ को दी गई है। शिविरों में 400 से अधिक ई-रिक्शा व ई-ऑटो चालक पहुंचे लेकिन बीमा, फिटनेस, प्रदूषण व अन्य कागजात न होने की वजह से अधिकतर वापस लौट गए। पंजीकरण शुल्क 120 रुपये तय किया गया है।
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इन 10 जगहों पर लगे शिविर
जोन दो नगर निगम कार्यालय, ट्रैफिक पुलिस लाइन, छावनी थाना, गुंजन टाकीज पार्किंग परिसर, नगर निगम मुख्यालय, जीआईसी ग्राउंड चुन्नीगंज, जोन-5 नगर निगम कार्यालय, बाबूपुरवा व बर्रा थाना, अर्मापुर थाना परिसर।
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पंजीकरण
पंजीकरण के बाद नगर निगम से रजिस्टर्ड नंबर पर कॉल कर बुलाया जाएगा और फिर रूट के हिसाब से क्यूआर कोड वितरित होगा। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पंजीयन हो रहा है। इसके बाद रूट निर्धारित किए जाएंगे। विभिन्न रूटों पर अलग-अलग संख्या में ई-रिक्शा व ई-ऑटो के पंजीकरण होंगे। पंजीकरण के लिए चालकों को रिक्शा या ऑटो, पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, बीमा, आरसी, स्वामित्व की प्रमाणिकता, ई-रिक्शा के आगे-पीछे की फोटो, वाहन स्वामी व चालक की पासपोर्ट साइज फोटो लानी अनिवार्य है। अब ई-रिक्शा व ई-ऑटो निर्धारित 40 रूटों पर ही दौड़ेंगे। पुलिस के अलग-अलग जोन के लिए चार रंगों के क्यूआर कोड जारी किए गए हैं। शहर में दौड़ रहे करीब एक लाख ई-रिक्शों में से सिर्फ 40 हजार ही आरटीओ से पंजीकृत हैं।
सुबह से हो गई शाम, नहीं पहुंचे अधिकारी
कानपुर। गुंजन टाकीज के पास लगे शिविर में सुबह आठ बजे से ही ई-रिक्शा व ई-ऑटो चालक पहुंचने लगे थे। सुबह 11 बजे मेडिकल टीम आकर जांच करने लगी लेकिन नगर निगम, आरटीओ व यातायात पुलिस के अधिकारी नहीं पहुंचे। पंजीकरण कराने पहुंचे ई-रिक्शा चालक गौरव शर्मा, विनोद कुमार राठौर आदि ने बताया कि कोई अधिकारी नहीं आया। ढाई बजे करीब 30 ई-रिक्शा चालक मायूस होकर लौट गए। शिविर में शाम पांच बजे तक कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। (संवाद)
पहले दिन रिकॉर्ड अपडेट न होने से कुछ दिक्कतें आई। अब डाटा अपडेट कर दिया गया है। अगर किसी का फिटनेस पूरा नहीं है तो पहले आरटीओ जाकर करा ले और उसके बाद ही शिविर में पंजीकरण कराने आए। इसी तरह बीमा भी होना अनिवार्य है।
राहुल सब्बरवाल, प्रभारी अधिकारी, आईटी, कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, नगर निगम