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दिया जा रहा केंचुआ खाद प्रशिक्षण
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बांदा। बुंदेलखंड में केंचुआ खाद को बढ़ावा देने के लिए कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में 25 युवाओं को खाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्य प्रशिक्षक डा.अरविंद गुप्ता ने बताया कि केंचुआ खाद प्रदूषण मुक्त होती है। पोषक तत्व, हार्मोंस, विटामिन और विभिन्न तरह के अंजाइम से यह खाद भरपूर है।
इसके उपयोग से मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है। बुंदेलखंड के लिए बहुत ही उपयोगी है। क्योंकि यह क्षेत्र सूखा प्रभावित है। प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को क्षेत्र का भ्रमण कराकर विभिन्न परिस्थतियों से अवगत कराया गया। अतर्रा के प्रगतिशील किसान विज्ञान शुक्ला के फार्म में केंचुआ खाद इकाइयों को दिखाया गया। वानिकी महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डा. संजीव कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के रूप में लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण का समापन 30 जनवरी को होगा। बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट के अलावा फतेहपुर के युवा शामिल हैं। ब्यूरो
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इसके उपयोग से मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है। बुंदेलखंड के लिए बहुत ही उपयोगी है। क्योंकि यह क्षेत्र सूखा प्रभावित है। प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को क्षेत्र का भ्रमण कराकर विभिन्न परिस्थतियों से अवगत कराया गया। अतर्रा के प्रगतिशील किसान विज्ञान शुक्ला के फार्म में केंचुआ खाद इकाइयों को दिखाया गया। वानिकी महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डा. संजीव कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के रूप में लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण का समापन 30 जनवरी को होगा। बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट के अलावा फतेहपुर के युवा शामिल हैं। ब्यूरो
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