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हत्या के मामले में दो को उम्रकैद
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कानपुर देहात। हत्या के मामले में सोमवार को अदालत ने दो अभियुक्तों को घटना का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के दोहरापुर गांव में आठ वर्ष पूर्व युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसकी सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही थी।
दोहरापुर गांव में 11 दिसंबर 2010 की शाम करीब आठ बजे खेतों पर जा रहे अखिलेश कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में उसके भाई नीरज कुमार ने गांव के गोविंद शर्मा व नीलू दुबे उर्फ बुद्ध प्रकाश पर हत्या का आरोप लगा सिकंदरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि रंजिश के चलते उक्त लोग रास्ते में घात लगाए बैठे थे। उसके भाई के निकलते ही उस पर गोली मार दी थी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, उसने अदालत को बताया कि वह अपने साथी मुकेश कुमार के साथ कुछ दूर पीछे चल रहा था। हमलावरों ने उसे भी दौड़ा लिया था। उक्त लोगों ने किसी तरह से भाग कर जान बचाई थी। मामले की सुनवाई जिला जज सुभाष चंद्र की अदालत में चल रही थी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से वादी नीरज कुमार व उसके साथी मुकेश के अलावा आठ अन्य ने गवाही दी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त नीलू दुबे व गोविंद शर्मा को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना के तथ्यों व साक्ष्यों के आगे बचाव पक्ष की दलीलें काम नहीं आई। अदालत ने दोनों को दोषी पाने पर उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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दोहरापुर गांव में 11 दिसंबर 2010 की शाम करीब आठ बजे खेतों पर जा रहे अखिलेश कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में उसके भाई नीरज कुमार ने गांव के गोविंद शर्मा व नीलू दुबे उर्फ बुद्ध प्रकाश पर हत्या का आरोप लगा सिकंदरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि रंजिश के चलते उक्त लोग रास्ते में घात लगाए बैठे थे। उसके भाई के निकलते ही उस पर गोली मार दी थी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, उसने अदालत को बताया कि वह अपने साथी मुकेश कुमार के साथ कुछ दूर पीछे चल रहा था। हमलावरों ने उसे भी दौड़ा लिया था। उक्त लोगों ने किसी तरह से भाग कर जान बचाई थी। मामले की सुनवाई जिला जज सुभाष चंद्र की अदालत में चल रही थी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से वादी नीरज कुमार व उसके साथी मुकेश के अलावा आठ अन्य ने गवाही दी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त नीलू दुबे व गोविंद शर्मा को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना के तथ्यों व साक्ष्यों के आगे बचाव पक्ष की दलीलें काम नहीं आई। अदालत ने दोनों को दोषी पाने पर उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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