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नहर में खांदी कटने से कई बीघे फसल बर्बाद
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:00 AM IST
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भीतरगांव (कानपुर)। कस्बे के गांव विजानखेड़ा (साढ़) के पास बीती बुधवार की रात नहर पटरी में खादी कटने से कई बीघे खेत जलमग्न हो गए। जिससे खेतों पर खड़ी खरीफ की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। वहीं, नहर पटरी पर खांदी होने की जानकारी मिलते गांव के किसान फावड़े लेकर पहुंच गए और सुबह तक खांदी की मरम्मत कर दी।
साढ़ इलाके से निकली रामगंगा नहर की पटरी पर असवानगर के सामने खांदी कट जाने से पानी बहकर विजानखेड़ा गांव के आसपास खेतों में भरने लगा। तकरीबन 50 बीघे से अधिक खरीफ की धान, ज्वार-बाजरा, तिल, उड़द और अन्य फसलों में पानी भर गया। किसानों ने बताया कि खरीफ की फसलें अब पकी खड़ी हैं। जिससे पानी भर जाने से उनको नुकसान पहुंचना तय है।
किसानों चंद्रपाल, रामप्रताप, रंगीलाल और किशनपाल ने बताया कि नहर पटरी कट जाने की जानकारी रात में ही हो गई। सभी लोगों ने मिलकर बंद करने की योजना बनाई। बताया कि भोर पहर सभी लोग फावड़े-तसले लेकर मौके पर पहुंचे और कटी हुई नहर पटरी की खांदी में मिट्टी डालकर बंद कर दिया। गांववालों ने बताया कि इस जगह पर नह की पटरी कमजोर हो चुकी है। जिससे अक्सर खांदी कट जाती है।
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साढ़ इलाके से निकली रामगंगा नहर की पटरी पर असवानगर के सामने खांदी कट जाने से पानी बहकर विजानखेड़ा गांव के आसपास खेतों में भरने लगा। तकरीबन 50 बीघे से अधिक खरीफ की धान, ज्वार-बाजरा, तिल, उड़द और अन्य फसलों में पानी भर गया। किसानों ने बताया कि खरीफ की फसलें अब पकी खड़ी हैं। जिससे पानी भर जाने से उनको नुकसान पहुंचना तय है।
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किसानों चंद्रपाल, रामप्रताप, रंगीलाल और किशनपाल ने बताया कि नहर पटरी कट जाने की जानकारी रात में ही हो गई। सभी लोगों ने मिलकर बंद करने की योजना बनाई। बताया कि भोर पहर सभी लोग फावड़े-तसले लेकर मौके पर पहुंचे और कटी हुई नहर पटरी की खांदी में मिट्टी डालकर बंद कर दिया। गांववालों ने बताया कि इस जगह पर नह की पटरी कमजोर हो चुकी है। जिससे अक्सर खांदी कट जाती है।
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