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एससीएसटी एक्ट में संशोधन की मांग
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:47 PM IST
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बांदा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने एसएसटी कानून में संशोधन किए जाने की मांग की है। कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के सुझावों के अनुरूप दोनो पक्षों को ध्यान में रखते हुए कानून बनाया जाए। उधर, सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने से इनकार करते हुए महासभा ने डीएम को ज्ञापन देने के लिए हंगामा किया।
गुरुवार को राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि एससीएसटी कानून में एक पक्ष की अनदेखी की गई है। पहले से ही इस कानून का दुरुपयोग हो रहा है। दोनो पक्षों की राय लेकर कानून में संशोधन किया जाए।
जांच के बाद ही कानून मे गिरफ्तारी का प्राविधान होना चाहिए। ऐसा सांसद व राज्य सरकारों ने भी मांग की है। जातिगत आरक्षण के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था को लागू किया जाए। प्रोन्नति पर आरक्षण समाप्त किया जाए। इस मौके पर कर्ण सिंह, शिवभवन सिंह, अजीत सिंह, चतुर सिंह दिखित, बीर सिंह, कमलेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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गुरुवार को राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि एससीएसटी कानून में एक पक्ष की अनदेखी की गई है। पहले से ही इस कानून का दुरुपयोग हो रहा है। दोनो पक्षों की राय लेकर कानून में संशोधन किया जाए।
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जांच के बाद ही कानून मे गिरफ्तारी का प्राविधान होना चाहिए। ऐसा सांसद व राज्य सरकारों ने भी मांग की है। जातिगत आरक्षण के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था को लागू किया जाए। प्रोन्नति पर आरक्षण समाप्त किया जाए। इस मौके पर कर्ण सिंह, शिवभवन सिंह, अजीत सिंह, चतुर सिंह दिखित, बीर सिंह, कमलेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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