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यूपी: प्रेम जाल में 18 महिलाओं को फंसाया, तीन प्रदेशों में नाइजीरियन ने की थी ठगी, ये कहकर मंगाता था रुपये

Sun, 24 Sep 2023 01:15 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 24 Sep 2023 01:15 PM IST
सार

Kanpur News: एडिशनल डीसीपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि अब तक की जांच में छह बैंक खातों की जानकारी मिली है। ये सभी खाते निजी बैंक में खोले गए थे, लेकिन खातों में फर्जी दस्तावेज लगाए जाने के कारण पुलिस गैंग को नहीं पकड़ सकी।

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18 women trapped in love trap, Nigerian had cheated in three states, used to ask for money by saying this
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में बाबूपुरवा निवासी महिला को ठगने वाले नाइजीरियन जॉन ने यूपी, आंध्र प्रदेश और हरियाणा की 18 महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाकर ठगी की थी। इसका खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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क्राइम ब्रांच की साइबर सेल की टीम ने बाबूपुरवा निवासी महिला को शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले दिल्ली के तिलकनगर शाहपुर निवासी नाइजीरियन जॉन व महावीर इन्क्लेव पालम निवासी हरजीत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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पुलिस ने नाइजीरियन के पास से मिले मोबाइल को खंगाला तो उसमें यूपी, आंध्र प्रदेश और हरियाणा की 18 महिलाओं के नंबर मिले। जिनसे वह व्हाट्सएप कॉल और चैट के जरिए संपर्क में था। उसने बताया कि फर्जी नाम की आईडी बनाकर महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाया था।

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हरजीत सिंह मुहैया करता था खाते
इसके बाद उन्हें महंगे आईफोन, लैपटॉप, घड़ी, इंगेजमेंट रिंग, ज्वैलरी और विदेशी करेंसी भेजने की बात कहता। फिर एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग द्वारा पकड़े जाने की बात कहकर अपने साथियों की मदद से रुपये खातों में ट्रांसफर करा लिया करता था। इसके लिए महावीर इन्क्लेव पालम निवासी हरजीत सिंह उन्हें खाते मुहैया करता था।

सरकारी और निजी बैंकों में मिले खाते
एडिशनल डीसीपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि अब तक की जांच में छह बैंक खातों की जानकारी मिली है। ये सभी खाते निजी बैंक में खोले गए थे, लेकिन खातों में फर्जी दस्तावेज लगाए जाने के कारण पुलिस गैंग को नहीं पकड़ सकी। अब पुलिस उन बैंकों से खातों को होल्ड कराकर पिछले सालों में हुए लेन-देन के बारे में पड़ताल करने में लगी है। जालसाज झांसे में लेने के लिए सिटी बैंक ऑफ इंडिया के नाम से मेल भी भेजते थे।

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