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क्रॉप कटिंग में शासन ने बैठाया सैटेलाइट का पहरा

Sun, 23 Dec 2018 10:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Dec 2018 10:35 PM IST
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क्रॉप कटिंग में शासन ने बैठाया सैटेलाइट का पहरा
महोबा। फसल की उत्पादकता जानने के लिए कराई जाने वाली क्रॉप कटिंग में अब कागजी आंकड़ेबाजी नहीं चल पाएगी। राजस्व कर्मियों को खेत पर जाकर फसल कटानी होगी और सैटेलाइट के माध्यम से ऑनलाइन डाटा अपलोड करना होगा। क्रॉप कटिग की फोटो भी भेजनी होगी। शासन ने राजस्वकर्मियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
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देश के प्रत्येक क्षेत्र का फसल चक्र, प्रमुख उपज, उत्पादकता व भौगोलिक और आर्थिक स्थिति का आकलन करने के बाद ही सरकार द्वारा कृषि नीति बनाई जाती है। इसमें सबसे अहम भूमिका क्रॉप कटिंग की होती है। उत्पादकता जानने के लिए राजस्व विभाग की टीम तय खेत पर अपनी निगरानी में फसल की कटाई कराती है। इसके बाद तौल होती है और इसी आंकड़ों के आधार पर ही बीमा राशि का निर्धारण किया जाता है।
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खेत पर गए बिना ही राजस्व विभाग द्वारा सरकार को आंकड़े भेजे जाने की तमाम शिकायतों के बाद शासन ने इस बार क्रॉप कटिंग पर सैटेलाइट का पहरा बिठा दिया है। इसके लिए राजस्व कर्मियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राजस्व कर्मी को अब खेत पर खड़े होकर क्रॉप कटिंग करानी होगी और खेत पर ही आंकड़ों की फोटो अपलोड करनी होगी। ऐसे में राजस्वकर्मी हेराफेरी नहीं कर सकेंगे। जिला सांख्यकीय अधिकारी नरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि क्रॉप कटिंग कराने वाले राजस्वकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। रबी सीजन से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
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हर फसल की होती हैं चार क्रॉप कटिंग
जिला सांख्यकीय अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक फसल की चार क्रॉप कटिंग होती है। पहले न्याय पंचायत पर खेत का चयन किया जाता था लेकिन अब ग्राम पंचायत स्तर पर चयनित खेत के 43.30 वर्गमीटर क्षेत्र में उत्पादित फसल से आकलन किया जाता है।


क्रॉप कटिंग के आधार पर मिलता है फसल बीमा
किसानों की फसल को सुरक्षा प्रदान करने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की है। इसके तहत कम प्रीमियम पर फसलों का बीमा किया जाता है। यदि प्राकृतिक आपदा में किसान की फसल नष्ट हो जाती है तो बीमित फसल की प्रतिपूर्ति दी जाती है। क्षतिपूर्ति का निर्धारण क्रॉप कटिंग के आकड़ों के आधार पर होता है।

क्रॉप कटिंग में शासन ने बैठाया सैटेलाइट का पहरा
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