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पशु-पक्षियों का भी हक, उनका निवाला न छीनें: आयुक्त
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:28 PM IST
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बांदा। मंडलायुक्त रामविशाल मिश्रा ने कहा कि पशु-पक्षियों का अपना हक है। उनका निवाला हम कैसे छीन सकते हैं? आयुक्त ने उदाहरण दिया कि पड़ोसी जनपद फतेहपुर में अन्ना गायें नहीं हैं, लेकिन वहां किसान नीलगायों से परेशान हैं। आयुक्त ने किसानों को सलाह दी कि व्यवसायिक खेती की राह अपनाएं। अच्छी नस्ल के मवेशी पालें।
विकास भवन सभागार में बुंदेलखंड स्तरीय जल चौपाल कार्यशाला का आयोजन अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में वाटर एड के सहयोग से किया था। आयुक्त ने कहा कि किसान खेत-तालाब योजना अपनाएं। यह विशेष लाभकारी है। इससे सिंचाई होगी और जल संरक्षण भी होगा। शासन इस पर 50 फीसदी अनुदान दे रहा है। बताया कि 21 से 23 जून तक किसान पाठशालाएं आयोजित कर किसानों को अच्छी व नवीन तकनीकी खेती के बारे में जानकारी दी जाएगी। डीएम दिव्य प्रकाश गिरि ने कहा कि किसानों के लिए इतनी योजनाएं हैं कि वे इसका लाभ उठाएं तो हर परेशानियां दूर हो जाएंगी। जहां भी दिक्कत आएं, उन्हें अवगत कराएं। संयुक्त कृषि निदेशक वीके सिंह ने कहा कि किसान आनलाइन पंजीकरण जरूर कराएं। इसी से उन्हें लाभ मिलेगा। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन त्रिपाठी ने कहा कि जल व हवा जीवन के लिए उतना ही जरूरी है, जितना कि हमारी सांसें। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और पानी कभी बर्बाद न होने दें। डॉ. अरविंद खरे, डॉ. शिशिरचंद्र, प्रशंसा गुप्ता, उमाशंकर पांडेय, डॉ. जनार्दन त्रिपाठी, भागवत प्रसाद सहित भूमि संरक्षण व जल संस्थान अधिकारी मौजूद रहे।
पशु-पक्षियों का भी हक, उनका निवाला न छीनें: आयुक्त
बुंदेलखंड स्तरीय जल चौपाल कार्यशाला का आयोजन
जहां अन्ना गाय नहीं, वहां नीलगायों से किसान परेशान
किसानों को व्यवसायिक खेती अपनाने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
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विकास भवन सभागार में बुंदेलखंड स्तरीय जल चौपाल कार्यशाला का आयोजन अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में वाटर एड के सहयोग से किया था। आयुक्त ने कहा कि किसान खेत-तालाब योजना अपनाएं। यह विशेष लाभकारी है। इससे सिंचाई होगी और जल संरक्षण भी होगा। शासन इस पर 50 फीसदी अनुदान दे रहा है। बताया कि 21 से 23 जून तक किसान पाठशालाएं आयोजित कर किसानों को अच्छी व नवीन तकनीकी खेती के बारे में जानकारी दी जाएगी। डीएम दिव्य प्रकाश गिरि ने कहा कि किसानों के लिए इतनी योजनाएं हैं कि वे इसका लाभ उठाएं तो हर परेशानियां दूर हो जाएंगी। जहां भी दिक्कत आएं, उन्हें अवगत कराएं। संयुक्त कृषि निदेशक वीके सिंह ने कहा कि किसान आनलाइन पंजीकरण जरूर कराएं। इसी से उन्हें लाभ मिलेगा। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन त्रिपाठी ने कहा कि जल व हवा जीवन के लिए उतना ही जरूरी है, जितना कि हमारी सांसें। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और पानी कभी बर्बाद न होने दें। डॉ. अरविंद खरे, डॉ. शिशिरचंद्र, प्रशंसा गुप्ता, उमाशंकर पांडेय, डॉ. जनार्दन त्रिपाठी, भागवत प्रसाद सहित भूमि संरक्षण व जल संस्थान अधिकारी मौजूद रहे।
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पशु-पक्षियों का भी हक, उनका निवाला न छीनें: आयुक्त
बुंदेलखंड स्तरीय जल चौपाल कार्यशाला का आयोजन
जहां अन्ना गाय नहीं, वहां नीलगायों से किसान परेशान
किसानों को व्यवसायिक खेती अपनाने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो