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खुलेआम खनन बंद, पर लुकाछिपी जारी
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:40 PM IST
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बांदा। यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट और एमपी में प्रदेश सरकार द्वारा पहली जुलाई से खनन पर पूरी तरह रोक के बाद भी बालू के ट्रकों की आवाजाही बरकरार है। उधर, नए डीएम के तेवर फिलहाल इस मामले में सख्त हैं। धरपकड़, चालान और सीज कार्रवाई भी हो रही है लेकिन सूत्र बताते हैं कि खनन भी चल रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर ई-टेंडर से खदानों के परमिट छह माह के लिए दिए गए हैं। लेकिन कोर्ट ने पहली जुलाई से 9 सितंबर तक खनन पर रोक लगा दी है। उधर, मुख्यमंत्री के पत्र का भी अफसरों पर खासा खौफ है। इसके मद्देनजर खुलेआम तो खनन रोक दिया गया है पर लुका-छिपी का खेल जारी है।
पड़ोसी मध्य प्रदेश में भी पहली जुलाई से खनन पर रोक लग गई है। लेकिन इसके बाद भी सड़कों पर बालू के ट्रक गुजरते नजर आ रहे हैं। बांदा शहर में रात गहराते ही नेशनल हाईवे पर अलीगंज पुलिस चौकी के सामने से ओवर ब्रिज और कालूकुआं पुलिस चौकी से यह ट्रक गुजर रहे हैं।
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चौकी के पुलिस कर्मी ट्रकों का रास्ता साफ करते नजर आते हैं। वैसे नरैनी तहसील में एसडीएम और नायब तहसीलदार आदि ने शनिवार को शाम 13 ट्रक और एक डंपर, स्कार्पियो व बोलेरो पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दी। नरैनी के एसडीएम, क्षेत्राधिकारी, नायब तहसीलदार, कोतवाली प्रभारी आदि ने शनिवार को लगभग डेढ़ दर्जन वाहन सीज किए। इन अफसरों ने यह रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
इसी तरह मटौंध में लगभग 40 ट्रकों के सीज किए जाने की खबर है। मटौंध प्रतिनिधि के अनुसार, अवैध खनन और ओवर लोडिंग को लेकर ‘डाल-डाल, पात-पात’ का खेल चल रहा है। जुर्माना व धरपकड़ भी हो रही है और ओवर या अंडर लोड ट्रकों की आमदरफ्त भी चल रही है।
इसके लिए पुलिस और बालू संचालकों ने बीच का रास्ता निकाल लिया है। हो यह रहा है कि किसी के 10 ट्रक चल रहे हैं तो 5 ट्रकों पर जुर्माना किया जा रहा है। शेष 5 ट्रकों को निकलने दिया जा रहा है। 100 से 200 फिट ओवर लोडिंग पर 5000 से 8000 रुपये जुर्माना होता है।
शनिवार यानी पहली जुलाई को चेकिंग और धरपकड़ के डर से ट्रकों में भरी ओवर लोड बालू गल्ला मंडी जखौरा से चमरहा के बीच जगह-जगह गिरा दी गई। बालू के ढेर लग गए। कुछ छुटभैया आनन-फानन में इस बालू को ट्रैक्टरों में भरा ले गए। अभी भी खड्डी तिगैला से चमरहा तक सैंकडों ट्रक बालू से लदे खडे़ बताए गए हैं।
-यूपी और एमपी में पहली जुलाई से खनन पर रोक
-फिर भी रात में गुजर रहे हैं बालू भरे ओवरलोड ट्रक
-नरैनी में 16 और मटौंध में 40 वाहनों पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर ई-टेंडर से खदानों के परमिट छह माह के लिए दिए गए हैं। लेकिन कोर्ट ने पहली जुलाई से 9 सितंबर तक खनन पर रोक लगा दी है। उधर, मुख्यमंत्री के पत्र का भी अफसरों पर खासा खौफ है। इसके मद्देनजर खुलेआम तो खनन रोक दिया गया है पर लुका-छिपी का खेल जारी है।
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पड़ोसी मध्य प्रदेश में भी पहली जुलाई से खनन पर रोक लग गई है। लेकिन इसके बाद भी सड़कों पर बालू के ट्रक गुजरते नजर आ रहे हैं। बांदा शहर में रात गहराते ही नेशनल हाईवे पर अलीगंज पुलिस चौकी के सामने से ओवर ब्रिज और कालूकुआं पुलिस चौकी से यह ट्रक गुजर रहे हैं।
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चौकी के पुलिस कर्मी ट्रकों का रास्ता साफ करते नजर आते हैं। वैसे नरैनी तहसील में एसडीएम और नायब तहसीलदार आदि ने शनिवार को शाम 13 ट्रक और एक डंपर, स्कार्पियो व बोलेरो पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दी। नरैनी के एसडीएम, क्षेत्राधिकारी, नायब तहसीलदार, कोतवाली प्रभारी आदि ने शनिवार को लगभग डेढ़ दर्जन वाहन सीज किए। इन अफसरों ने यह रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
इसी तरह मटौंध में लगभग 40 ट्रकों के सीज किए जाने की खबर है। मटौंध प्रतिनिधि के अनुसार, अवैध खनन और ओवर लोडिंग को लेकर ‘डाल-डाल, पात-पात’ का खेल चल रहा है। जुर्माना व धरपकड़ भी हो रही है और ओवर या अंडर लोड ट्रकों की आमदरफ्त भी चल रही है।
इसके लिए पुलिस और बालू संचालकों ने बीच का रास्ता निकाल लिया है। हो यह रहा है कि किसी के 10 ट्रक चल रहे हैं तो 5 ट्रकों पर जुर्माना किया जा रहा है। शेष 5 ट्रकों को निकलने दिया जा रहा है। 100 से 200 फिट ओवर लोडिंग पर 5000 से 8000 रुपये जुर्माना होता है।
शनिवार यानी पहली जुलाई को चेकिंग और धरपकड़ के डर से ट्रकों में भरी ओवर लोड बालू गल्ला मंडी जखौरा से चमरहा के बीच जगह-जगह गिरा दी गई। बालू के ढेर लग गए। कुछ छुटभैया आनन-फानन में इस बालू को ट्रैक्टरों में भरा ले गए। अभी भी खड्डी तिगैला से चमरहा तक सैंकडों ट्रक बालू से लदे खडे़ बताए गए हैं।
-यूपी और एमपी में पहली जुलाई से खनन पर रोक
-फिर भी रात में गुजर रहे हैं बालू भरे ओवरलोड ट्रक
-नरैनी में 16 और मटौंध में 40 वाहनों पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो