{"_id":"5b05b09f4f1c1be0408b77d7","slug":"161527099551-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिंद नदी में पानी न होने से पशु-पक्षी बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिंद नदी में पानी न होने से पशु-पक्षी बेहाल
Updated Wed, 23 May 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जाफरगंज (फतेहपुर)। रिंद नदी में एक पखवारे से पानी नहीं है। पशु-पक्षी प्यास से बेहाल हैं। लोगों ने नदी में पानी छोड़ने की मांग की है, लेकिन कोई भी अधिकारी सुधि नहीं ले रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
देवमई व खजुहा विकास खंड के सैकड़ों गांवों को पानी देने वाली रिंद नदी में एक पखवारे से पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे खूंटा, मिस्सी, रायपुर, जूड़ाखेड़ा, रामपुर, भारतपुर, नरैचा, भुरकुसियापुर, रमदनवापुर, सहिमलपुर, केवाई, गढ़ी सहित सैकड़ों गांव के लोग रिंद नदी पर निर्भर हैं। वे रिंद नदी में ही मवेशियों को पानी पिलाते और नहलाते हैं। राजन पांडेय, राम विशाल, हरी निषाद, हबीब खान, पप्पू, भोला निषाद, कमल किशोर आदि ने बताया कि गांवों के अधिकतर हैंडपंपों ने भी पानी देना छोड़ दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने पिछले वर्षों में निचलीगंगा नहर से पानी छोड़वाकर क्षेत्र के किसानों को राहत दिलाई थी। इस वर्ष प्रशासन व जन प्रतिनिधियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिससे पानी का विकराल संकट होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जाफरगंज (फतेहपुर)। रिंद नदी में एक पखवारे से पानी नहीं है। पशु-पक्षी प्यास से बेहाल हैं। लोगों ने नदी में पानी छोड़ने की मांग की है, लेकिन कोई भी अधिकारी सुधि नहीं ले रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
देवमई व खजुहा विकास खंड के सैकड़ों गांवों को पानी देने वाली रिंद नदी में एक पखवारे से पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे खूंटा, मिस्सी, रायपुर, जूड़ाखेड़ा, रामपुर, भारतपुर, नरैचा, भुरकुसियापुर, रमदनवापुर, सहिमलपुर, केवाई, गढ़ी सहित सैकड़ों गांव के लोग रिंद नदी पर निर्भर हैं। वे रिंद नदी में ही मवेशियों को पानी पिलाते और नहलाते हैं। राजन पांडेय, राम विशाल, हरी निषाद, हबीब खान, पप्पू, भोला निषाद, कमल किशोर आदि ने बताया कि गांवों के अधिकतर हैंडपंपों ने भी पानी देना छोड़ दिया है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने पिछले वर्षों में निचलीगंगा नहर से पानी छोड़वाकर क्षेत्र के किसानों को राहत दिलाई थी। इस वर्ष प्रशासन व जन प्रतिनिधियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिससे पानी का विकराल संकट होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन