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सौभाग्य से रोशन हुए 40 मजरे और 91 हजार घर
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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। आजादी के 72 साल बाद जिले के 40 मजरों का सौभाग्य उदय हुआ। केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना से दस ब्लाक के 40 मजरों का विद्युतीकरण कराया गया जिससे 91267 घरों को रोशन किया गया। यह योजना केवल 31 मार्च तक प्रभावी है अगर अब चूके तो गरीबों को कनेक्शन के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के घरों को रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना शुरु हुई। 25 सितंबर 2017 को केंद्र सरकार ने इस योजना को लांच किया था। जिससे सरवनखेड़ा, अकबरपुर, मैथा, झींझक, रसूलाबाद, संदलपुर, अमरौधा, राजपुर, मलासा समेत 10 ब्लाकों में विद्युतीकरण से वंचित 40 मजरों तक बिजली पहुंचाई गई। वहीं अब तक 91267 गरीबों के घरों को रोशन किया गया। अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव का कहना है कि सौभाग्य योजना के तहत 31 मार्च तक प्रभावी है आगे कोई निर्देश आने पर ही इसके तहत कनेक्शन दिए जाएंगे। इस योजना के तहत जिले में 91267 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अब कोई मजरा विद्युतीकरण से वंचित नहीं है।
इस योजना के तहत वीपीएल लाभार्थियों को विद्युत कनेक्शन पूरी तरह से निशुल्क दिया गया है जिसमें केबिल, एमसीबी बोर्ड, एक एलईडी निशुल्क उपलब्ध कराया गया है। वहीं एपीएल लाभार्थियों को कनेक्शन में उपरोक्त सामान दिया गया लेकिन इनके बिल में कनेक्शन का पांच सौ रुपये चार्ज जोड़कर वसूला जाएगा। दस माह तक बिल की धनराशि के साथ 50 रुपये कनेक्शन चार्ज का जुड़कर आएगा।
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सौभाग्य योजना बिजली कनेक्शन लेने वाले गरीबों के लिए वरदान साबित हुई। योजना के तहत पात्र लाभार्थी को पूरी तरह से निशुल्क कनेक्शन दिया गया है। यह योजना 31 तक प्रभावी है। इसके बाद अगर कोई भी लाभार्थी कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करता है तो 1350 रुपये जमा करके एक किलोवाट का कनेक्शन ले सकेगा। विभाग 31 मार्च की शाम 5 बजे के बाद इस योजन के तहत कनेक्शन देना बंद कर देगा। फिर गरीबों को विद्युत कनेक्शन लेने में जेब ढीली करनी पड़ेगी।
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हर पात्र गरीबों को विद्युत कनेक्शन देने के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, ड्राइविंग लाइसेंस आदि अभिलेखों की अनिवार्यता थी। गरीबों के शैक्षिक व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, रोजगार के अवसर, सुरक्षा, संचार सुविधाओं को बेहतर बनाने में यह योजना साकार हुई। गरीबों के घर रोशन होने से उनके बच्चों में शिक्षा व विकास की ललक जगी है। वहीं रोशनी से जगमग बल्ब देखने की हसरतें भी बुजुर्गों की पूरी हो गई हैं।
सौभाग्य से रोशन हुए 40 मजरे और 91 हजार घर
जिले के हर गांव तक बिजली पहुंचने का दावा
31 मार्च के बाद नहीं मिलेंगे सौभाग्य से कनेक्शन
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कानपुर देहात। आजादी के 72 साल बाद जिले के 40 मजरों का सौभाग्य उदय हुआ। केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना से दस ब्लाक के 40 मजरों का विद्युतीकरण कराया गया जिससे 91267 घरों को रोशन किया गया। यह योजना केवल 31 मार्च तक प्रभावी है अगर अब चूके तो गरीबों को कनेक्शन के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के घरों को रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना शुरु हुई। 25 सितंबर 2017 को केंद्र सरकार ने इस योजना को लांच किया था। जिससे सरवनखेड़ा, अकबरपुर, मैथा, झींझक, रसूलाबाद, संदलपुर, अमरौधा, राजपुर, मलासा समेत 10 ब्लाकों में विद्युतीकरण से वंचित 40 मजरों तक बिजली पहुंचाई गई। वहीं अब तक 91267 गरीबों के घरों को रोशन किया गया। अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव का कहना है कि सौभाग्य योजना के तहत 31 मार्च तक प्रभावी है आगे कोई निर्देश आने पर ही इसके तहत कनेक्शन दिए जाएंगे। इस योजना के तहत जिले में 91267 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अब कोई मजरा विद्युतीकरण से वंचित नहीं है।
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इस योजना के तहत वीपीएल लाभार्थियों को विद्युत कनेक्शन पूरी तरह से निशुल्क दिया गया है जिसमें केबिल, एमसीबी बोर्ड, एक एलईडी निशुल्क उपलब्ध कराया गया है। वहीं एपीएल लाभार्थियों को कनेक्शन में उपरोक्त सामान दिया गया लेकिन इनके बिल में कनेक्शन का पांच सौ रुपये चार्ज जोड़कर वसूला जाएगा। दस माह तक बिल की धनराशि के साथ 50 रुपये कनेक्शन चार्ज का जुड़कर आएगा।
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सौभाग्य योजना बिजली कनेक्शन लेने वाले गरीबों के लिए वरदान साबित हुई। योजना के तहत पात्र लाभार्थी को पूरी तरह से निशुल्क कनेक्शन दिया गया है। यह योजना 31 तक प्रभावी है। इसके बाद अगर कोई भी लाभार्थी कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करता है तो 1350 रुपये जमा करके एक किलोवाट का कनेक्शन ले सकेगा। विभाग 31 मार्च की शाम 5 बजे के बाद इस योजन के तहत कनेक्शन देना बंद कर देगा। फिर गरीबों को विद्युत कनेक्शन लेने में जेब ढीली करनी पड़ेगी।
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हर पात्र गरीबों को विद्युत कनेक्शन देने के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, ड्राइविंग लाइसेंस आदि अभिलेखों की अनिवार्यता थी। गरीबों के शैक्षिक व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, रोजगार के अवसर, सुरक्षा, संचार सुविधाओं को बेहतर बनाने में यह योजना साकार हुई। गरीबों के घर रोशन होने से उनके बच्चों में शिक्षा व विकास की ललक जगी है। वहीं रोशनी से जगमग बल्ब देखने की हसरतें भी बुजुर्गों की पूरी हो गई हैं।
सौभाग्य से रोशन हुए 40 मजरे और 91 हजार घर
जिले के हर गांव तक बिजली पहुंचने का दावा
31 मार्च के बाद नहीं मिलेंगे सौभाग्य से कनेक्शन
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