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नवजात की मौत पर किया हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
झींझक। प्रसव के दौरान नवजात की हालत बिगड़ गई, कानपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। सीएचसी प्रभारी ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।
मंगलपुर थाना क्षेत्र के कोठीपुरवा औरंगाबाद डालचन्द गांव निवासी शिवम की पत्नी शिल्पी गर्भवती थी। बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर आशा रेशमा ने उसे सीएचसी की मेटरनिटी विंग में भर्ती कराया था। स्टाफ नर्स प्रभा पाल ने प्रसव कराया। इसके कुछ देर बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। सूचना पर डा. प्रतीक पांडेय ने नवजात का प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
वहां पहुंचने से पहले नवजात की मौत हो गई। परिजन शव लेकर सीएचसी पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। शिवम व उसके पिता सुरेश ने बताया कि इलाज में लापरवाही की वजह से बच्चे की मौत हुई है। अस्पताल में महिला चिकित्सक भी नहीं थी। डा. प्रतीक ने बताया कि नवजात के पेट में पानी चला गया था, इससे हालत बिगड़ गई थी। गौरतलब है कि छह महीने पहले शुरू हुई मेटरनिटी विंग में महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है। प्रसव स्टाफ नर्स कराती हैं। अधीक्षक डॉक्टर विमलेश वर्मा ने बताया कि महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
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नवजात की मौत पर किया हंगामा
पेट में पानी जाने से बिगड़ी हालत
फोटो संख्या 21एकेबीपी01- झींझक सीएचसी में हंगामा करते परिजन
झींझक। प्रसव के दौरान नवजात की हालत बिगड़ गई, कानपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। सीएचसी प्रभारी ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।
मंगलपुर थाना क्षेत्र के कोठीपुरवा औरंगाबाद डालचन्द गांव निवासी शिवम की पत्नी शिल्पी गर्भवती थी। बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर आशा रेशमा ने उसे सीएचसी की मेटरनिटी विंग में भर्ती कराया था। स्टाफ नर्स प्रभा पाल ने प्रसव कराया। इसके कुछ देर बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। सूचना पर डा. प्रतीक पांडेय ने नवजात का प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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वहां पहुंचने से पहले नवजात की मौत हो गई। परिजन शव लेकर सीएचसी पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। शिवम व उसके पिता सुरेश ने बताया कि इलाज में लापरवाही की वजह से बच्चे की मौत हुई है। अस्पताल में महिला चिकित्सक भी नहीं थी। डा. प्रतीक ने बताया कि नवजात के पेट में पानी चला गया था, इससे हालत बिगड़ गई थी। गौरतलब है कि छह महीने पहले शुरू हुई मेटरनिटी विंग में महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है। प्रसव स्टाफ नर्स कराती हैं। अधीक्षक डॉक्टर विमलेश वर्मा ने बताया कि महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
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नवजात की मौत पर किया हंगामा
पेट में पानी जाने से बिगड़ी हालत
फोटो संख्या 21एकेबीपी01- झींझक सीएचसी में हंगामा करते परिजन