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कर्ज और फसल के सदमे में किसान की मौत

Fri, 10 Nov 2017 11:14 PM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:14 PM IST
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कर्ज और फसल के सदमे में किसान की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। बैंक कर्ज की चिंता और बारिश न होने से खरीफ फसल के नुकसान का सदमा किसान बर्दाश्त नहीं कर पाया। हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। तीन साल पहले बैंक से लिया गया डेढ़ लाख रुपये कर्ज बढ़कर साढ़े चार लाख हो गया है।

सदर तहसील के कुरौली गांव निवासी किसान हीरालाल द्विवेदी (65) बुधवार को शाम खेत गया था। बारिश कम होने से मूंग और उर्द की बोई फसल सूखती देख उसे सदमा हुआ और हार्ट अटैक पड़ गया। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां से उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
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पुत्र श्याम बाबू ने बताया कि पिता के नाम 16 बीघा जमीन है। वर्ष 2014 में इलाहाबाद बैंक की डिंगवाही शाखा से क्रेडिट कार्ड पर डेढ़ लाख का कर्ज लिया था। बैंक का कर्ज बढ़कर अब करीब साढ़े चार लाख रुपये हो गया। बैंक से दो बार नोटिस भी आ चुकी है। खरीफ फसल में मूंग व उर्द बोई थी, लेकिन सूख गई। 20 दिन पहले चना व मटर बोया तो अन्ना मवेशी चट कर गए। 10 दिन पहले हीरालाल की पत्नी की गिरने से कूल्हे की हड्डी टूट गई। पुत्र के मुताबिक इन तमाम परेशानी और चिंता में पिता को दिल का दौरा पड़ गया। उधर, तहसीलदार उमेशचंद्र शुक्ला ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी। प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
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वहीं अतर्रा में परास्नातक युवा किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उस पर बैंक का 50 हजार रुपये कर्ज था। कर्ज माफी योजना की पात्रता में न आ पाने से कर्ज माफ नहीं हो पाया। इलाहाबाद में अंतिम संस्कार किया गया। एसडीएम ने मृतक के घर आकर सांत्वना दी।

अतर्रा तहसील के दिखितवारा गांव के मजरा शिवदयाल सिंह का पुरवा में नीलेश (42) पुत्र रामफल गौतम बीएड तक शिक्षा लेने के बाद नौकरी न मिलने से अपनी 10 बीघा जमीन में खेती कर रहा था। बुधवार की रात खाना खाने के बाद उसके सीने में दर्द उठा। कुछ ही क्षणों में उसकी मौत हो गई। एसडीएम प्रहलाद सिंह राजस्व कर्मियों के साथ उसके घर आए और सांत्वना दी। हर संभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि नीलेश का न्यूरो का इलाज कानपुर में चल रहा था। मृतक अपने पीछे पत्नी बिटोला सहित तीन पुत्री मोनिका (14), अंजली (8) व मंदाकिनी (6) छोड़ गया है।
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