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व से कच्चा मकान ढहा, वृद्धा की मौत
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:51 PM IST
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छिबरामऊ। ग्राम पंचायत सरायसुंदर के ग्राम बंजारन डेरा में बारिश से कच्चा मकान भरभराकर ढह गया, जिसके मलबे में दबकर वृद्धा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्राम बंजारन डेरा में गुरुवार की देर रात कंचन सिंह नायक का कच्चा मकान बारिश के चलते अचानक भरभराकर ढह गया। मकान ढहने से कमरे में सो रही उसकी पत्नी श्यामादेवी (58) मलबे में दब गई, उसकी चीख पुकार सुन आस-पड़ोस के लोग दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मशक्कत कर उसे मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतका की बेटी पुष्पा पत्नी रामनाथ ने बताया कि उसके भाई उपदेश, रमेश, अखिलेश व कमलेश मध्यप्रदेश के सुल्तानपुर में नौकरी करते हैं। उसने बताया कि शादी के बाद से ही वह अपने पति के साथ मां के यहां रहती है। जिस समय मकान ढहा उस समय वह पास में ही रह रही अपनी भाभी मीना के घर पर थी। शुक्रवार की सुबह घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी श्रीकांत प्रजापति और नायब तहसीलदार अवनीश कुमार मौके पर पहुंच गए। एसडीएम मंशाराम वर्मा ने बताया कि नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।
मकान ढहने से बाल-बाल बचे बच्चे
छिबरामऊ। ग्राम बंजारन डेरा में जिस समय मृतका श्यामादेवी का मकान ढहा, उस समय मकान में उसकी पुत्री पुष्पा के बच्चे ब्रजेश, प्रीती, जितेंद्र व नगीना भी सो रहे थे। अचानक मिट्टी ढहते देख सभी चीखते-चिल्लाते बाहर भागे। यह माजरा श्यामादेवी नहीं समझ पाई, जिससे उसकी मलबे में दबने से मौत हो गई।
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पक्का आशियाना न देख सकी श्यामा
छिबरामऊ। ग्राम बंजारन डेरा की मृतका श्यामा देवी वर्षों से कच्चे मकान में छप्पर डालकर गुजर-बसर कर रही थी। पक्के मकान की आस में उसने कई बार अधिकारियों की चौखट पर दस्तक दी, लेकिन उसका सपना पूरा न हो सका। कुछ दिन पहले ही ग्राम प्रधान जितेंद्र शाक्य के प्रयास से उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल हो गया था। जब तक उसके पक्के मकान बनने का नंबर आता, उससे पहले ही वह इस दुनिया से विदा हो गई।
वर्षा से कच्चा मकान ढहा, वृद्धा की मौत
-ग्राम बंजारन डेरा में हुआ हादसा
-घटना से परिजनों में मचा कोहराम
-पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
ग्राम बंजारन डेरा में गुरुवार की देर रात कंचन सिंह नायक का कच्चा मकान बारिश के चलते अचानक भरभराकर ढह गया। मकान ढहने से कमरे में सो रही उसकी पत्नी श्यामादेवी (58) मलबे में दब गई, उसकी चीख पुकार सुन आस-पड़ोस के लोग दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मशक्कत कर उसे मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतका की बेटी पुष्पा पत्नी रामनाथ ने बताया कि उसके भाई उपदेश, रमेश, अखिलेश व कमलेश मध्यप्रदेश के सुल्तानपुर में नौकरी करते हैं। उसने बताया कि शादी के बाद से ही वह अपने पति के साथ मां के यहां रहती है। जिस समय मकान ढहा उस समय वह पास में ही रह रही अपनी भाभी मीना के घर पर थी। शुक्रवार की सुबह घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी श्रीकांत प्रजापति और नायब तहसीलदार अवनीश कुमार मौके पर पहुंच गए। एसडीएम मंशाराम वर्मा ने बताया कि नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।
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मकान ढहने से बाल-बाल बचे बच्चे
छिबरामऊ। ग्राम बंजारन डेरा में जिस समय मृतका श्यामादेवी का मकान ढहा, उस समय मकान में उसकी पुत्री पुष्पा के बच्चे ब्रजेश, प्रीती, जितेंद्र व नगीना भी सो रहे थे। अचानक मिट्टी ढहते देख सभी चीखते-चिल्लाते बाहर भागे। यह माजरा श्यामादेवी नहीं समझ पाई, जिससे उसकी मलबे में दबने से मौत हो गई।
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पक्का आशियाना न देख सकी श्यामा
छिबरामऊ। ग्राम बंजारन डेरा की मृतका श्यामा देवी वर्षों से कच्चे मकान में छप्पर डालकर गुजर-बसर कर रही थी। पक्के मकान की आस में उसने कई बार अधिकारियों की चौखट पर दस्तक दी, लेकिन उसका सपना पूरा न हो सका। कुछ दिन पहले ही ग्राम प्रधान जितेंद्र शाक्य के प्रयास से उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल हो गया था। जब तक उसके पक्के मकान बनने का नंबर आता, उससे पहले ही वह इस दुनिया से विदा हो गई।
वर्षा से कच्चा मकान ढहा, वृद्धा की मौत
-ग्राम बंजारन डेरा में हुआ हादसा
-घटना से परिजनों में मचा कोहराम
-पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा