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बांदा: बंधक बनाकर किशोरी से दुष्कर्म में 15 साल की कैद, 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

Mon, 12 Oct 2020 11:25 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 12 Oct 2020 11:25 PM IST
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15 years imprisonment for misdeed with teenager by taking hostage
सांकेतिक तस्वीर
बांदा जिले में किशोरी को बंधक बनाकर चार दिन तक दुष्कर्म के जुर्म में अदालत ने आरोपी को 15 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। तीन आरोपी निर्दोष साबित होने पर बरी हो गए।
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मरका थाना क्षेत्र के एक गांव में 23 जून 2013 की शाम चक्की पर गेहूं पिसाने गई 15 वर्षीय किशोरी को गांव का 30 वर्षीय छुटकवा उर्फ तीरथ चतुर्वेदी पुत्र गया प्रसाद उसे यह डराकर साथ ले गया कि उसकी मां कुल्हाड़ी लिए उसकी तलाश में घूम रही है।
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उसे काटकर यमुना नदी में बहा देगी। कुछ ही देर पहले किशोरी को मां ने पीटा भी था। इससे किशोरी सहमी हुई थी। युवक के झांसे में आकर किशोरी उसके साथ चली गई। छुटकवा ने उसे अपने ट्यूबवेल में चार दिन तक रखा और तमंचे के बल पर दुष्कर्म करता रहा।
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चौथे दिन तड़के मौका पाकर किशोरी छुटकवा का तमंचा और कारतूस लेकर भाग निकली और कमासिन में अपनी बुआ के घर पहुंच गई। तलाश करता हुआ पिता वहां पहुंचा तो बेटी ने पूरी घटना बताई। पिता के साथ थाने पहुंची किशोरी ने तमंचा और कारतूस पुलिस को सौंप दिए।

पुलिस ने 27 जून 2013 को धारा 376, 342, 120बी व पॉक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की। 3 जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। किशोरी का डाक्टरी परीक्षण हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में एडीजीसी रामसुफल सिंह ने 8 गवाह पेश किए।

सोमवार को न्यायाधीश ने इस केस का फैसला सुनाया। अभियुक्त छुटकवा उर्फ तीरथ को पॉक्सो एक्ट में 15 वर्ष की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक वर्ष की कैद और होगी।

धारा 342 में एक वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 25 आर्म्स एक्ट में 2 वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा दी। जुर्माना न देने पर क्रमश: 10-10 दिन और जेल में रहना होगा। इस घटना के तीन अन्य आरोपी अरुण, वकील और लालचंद्र पर जुर्म साबित न होने से बरी कर दिए गए।
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