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गलत इंजेक्शन से महिला की मौत, हंगामा
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
माधौगढ़। थाना क्षेत्र के एक गांव में पेट दर्द की शिकायत पर क्लीनिक पहुंची महिला को डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। उसकी वहीं पर मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन वहां पहुंचे तो डॉक्टर क्लीनिक बंद कर भाग निकला। इस दौरान परिजनों ने हंगामा भी किया। इसके बाद थाने पहुंचकर मामले की तहरीर दी। एसओ का कहना है कि पीड़ित की तहरीर आ गई है। जांच पड़ताल की जा रही है।
माधौगढ़ क्षेत्र के हरौली गांव निवासी कमलेश (42) पत्नी संतोष सोमवार सुबह पेट दर्द की शिकायत पर वह गांव में ही स्थित एक क्लीनिक पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो इस दौरान डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया जिससे महिला की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। जब क्लीनिक पर मौजूद मरीजों ने इसकी जानकारी दी तो पति संतोष मौके पर पहुंचे। वह उसे नजदीक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जब महिला की मौत की खबर घर पहुंची तो वहां पर कोहराम मच गया। बदहवास परिजन मौके पर पहुंच गए। डॉक्टर भी क्लीनिक बंद कर मौके से भाग निकला। आक्रोशित परिजनों ने थाने पहुंचकर घटनाक्रम से अवगत कराया और डाक्टर के खिलाफ तहरीर दी। थानेदार के मुताबिक प्रार्थना पत्र मिलने पर जांच पड़ताल की जा रही है।
घटनाओं से नहीं लिया गया सबक
डॉक्टर के गलत इंजेक्शन लगाने से हरौली निवासी महिला की हुई मौत का मामला कोई पहला नहीं है, इसके पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनको लेकर मृतकों के परिजन बवाल भी काट चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सब कुछ जानने के बाद भी अनजान बने हैं।
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अवैध रूप से चल रहे हैं दर्जनों क्लीनिक
माधौगढ़ में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आ गई है। जानकारों की मानें तो कस्बे में दो दर्जन से अधिक विभिन्न गली कूचों व बाजारों में प्राइवेट क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। लोग भी सस्ते इलाज के चक्कर में इनका सहारा लेते हैं। नतीजा यह रही कि उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है।
आदेश के बाद भी खुल रहे क्लीनिक
बीते दिनों एसीएमओ ने कस्बा माधौगढ़ में नियम विरुद्ध चल रहे क्लीनिकों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब दो से तीन ऐसे क्लीनिक मिले हैं, जिनका न तो कोई रजिस्ट्रेशन था और न ही अभिलेखों में कहीं उनका नाम दर्ज था। लिहाजा एसीएमओ ने इन क्लीनिकों को बंद करने के आदेश दिए थे, लेकिन आज भी वह क्लीनिक खुल रहे हैं।
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माधौगढ़। थाना क्षेत्र के एक गांव में पेट दर्द की शिकायत पर क्लीनिक पहुंची महिला को डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। उसकी वहीं पर मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन वहां पहुंचे तो डॉक्टर क्लीनिक बंद कर भाग निकला। इस दौरान परिजनों ने हंगामा भी किया। इसके बाद थाने पहुंचकर मामले की तहरीर दी। एसओ का कहना है कि पीड़ित की तहरीर आ गई है। जांच पड़ताल की जा रही है।
माधौगढ़ क्षेत्र के हरौली गांव निवासी कमलेश (42) पत्नी संतोष सोमवार सुबह पेट दर्द की शिकायत पर वह गांव में ही स्थित एक क्लीनिक पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो इस दौरान डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया जिससे महिला की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। जब क्लीनिक पर मौजूद मरीजों ने इसकी जानकारी दी तो पति संतोष मौके पर पहुंचे। वह उसे नजदीक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जब महिला की मौत की खबर घर पहुंची तो वहां पर कोहराम मच गया। बदहवास परिजन मौके पर पहुंच गए। डॉक्टर भी क्लीनिक बंद कर मौके से भाग निकला। आक्रोशित परिजनों ने थाने पहुंचकर घटनाक्रम से अवगत कराया और डाक्टर के खिलाफ तहरीर दी। थानेदार के मुताबिक प्रार्थना पत्र मिलने पर जांच पड़ताल की जा रही है।
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घटनाओं से नहीं लिया गया सबक
डॉक्टर के गलत इंजेक्शन लगाने से हरौली निवासी महिला की हुई मौत का मामला कोई पहला नहीं है, इसके पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनको लेकर मृतकों के परिजन बवाल भी काट चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सब कुछ जानने के बाद भी अनजान बने हैं।
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अवैध रूप से चल रहे हैं दर्जनों क्लीनिक
माधौगढ़ में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आ गई है। जानकारों की मानें तो कस्बे में दो दर्जन से अधिक विभिन्न गली कूचों व बाजारों में प्राइवेट क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। लोग भी सस्ते इलाज के चक्कर में इनका सहारा लेते हैं। नतीजा यह रही कि उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है।
आदेश के बाद भी खुल रहे क्लीनिक
बीते दिनों एसीएमओ ने कस्बा माधौगढ़ में नियम विरुद्ध चल रहे क्लीनिकों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब दो से तीन ऐसे क्लीनिक मिले हैं, जिनका न तो कोई रजिस्ट्रेशन था और न ही अभिलेखों में कहीं उनका नाम दर्ज था। लिहाजा एसीएमओ ने इन क्लीनिकों को बंद करने के आदेश दिए थे, लेकिन आज भी वह क्लीनिक खुल रहे हैं।