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आलू की अगैती खेती से कमा रहे दोहरा मुनाफा
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:33 AM IST
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गंजमुरादाबाद। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान आलू की अगैती खेती कर दोहरा मुनाफा कमा रहे हैं। नवंबर माह में ही आलू की पैदावार होने से किसानों को दूसरी फसल पैदा करने का मौका मिल गया है।
नगर के अलावा क्षेत्र के ग्राम हसनापुर, नसिरापुर, हैबतपुर, नेवल, जगटापुर सहित एक दर्जन गांवों के किसानों ने सितंबर के प्रथम सप्ताह में ही आलू की फसल बो दी थी। यह फसल नवंबर के अंत तक तैयार हो जाती है। सितंबर माह में बोई जाने वाली फसल आम फसल की अपेक्षा साइज में छोटी होती है।
हालांकि समय से बाजार में नया आलू आ जाने से किसानों को इसका अच्छा भाव मिल जाता है। इसके अलावा ठंड में पाला आदि का प्रकोप भी फसल को नहीं झेलना पड़ता। उधर आलू की खुदाई करने के बाद किसान गेहूं की फसल भी समय से बो लेते हैं। इससे किसानों को दोहरी फसल का लाभ मिल जाता है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार दोबारा आलू की फसल में कीड़े लगने की संभावना अधिक रहती है। जबकि अगैती फसल के बाद गेहूं की फसल लाभ देती है।
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इन्होंने कमाया लाभ
ग्राम हसनापुर के किसान सरोज कटियार, हैबतपुर के अवधेश कटियार, नसिरापुर के सुशील कटियार और जगटापुर के सुलेख कटियार बताते हैं कि आलू की अगैती खेती किसानों के लिए वरदान साबित होती है। बाजार में नई फसल का अच्छा भाव भी मिल जाता है।
-समय से र्बोआई होने से फसल में नहीं लगता कीड़ा
- खेत खाली होने से दूसरी फसल बोने का भी मिल जाता है समय
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नगर के अलावा क्षेत्र के ग्राम हसनापुर, नसिरापुर, हैबतपुर, नेवल, जगटापुर सहित एक दर्जन गांवों के किसानों ने सितंबर के प्रथम सप्ताह में ही आलू की फसल बो दी थी। यह फसल नवंबर के अंत तक तैयार हो जाती है। सितंबर माह में बोई जाने वाली फसल आम फसल की अपेक्षा साइज में छोटी होती है।
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हालांकि समय से बाजार में नया आलू आ जाने से किसानों को इसका अच्छा भाव मिल जाता है। इसके अलावा ठंड में पाला आदि का प्रकोप भी फसल को नहीं झेलना पड़ता। उधर आलू की खुदाई करने के बाद किसान गेहूं की फसल भी समय से बो लेते हैं। इससे किसानों को दोहरी फसल का लाभ मिल जाता है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार दोबारा आलू की फसल में कीड़े लगने की संभावना अधिक रहती है। जबकि अगैती फसल के बाद गेहूं की फसल लाभ देती है।
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इन्होंने कमाया लाभ
ग्राम हसनापुर के किसान सरोज कटियार, हैबतपुर के अवधेश कटियार, नसिरापुर के सुशील कटियार और जगटापुर के सुलेख कटियार बताते हैं कि आलू की अगैती खेती किसानों के लिए वरदान साबित होती है। बाजार में नई फसल का अच्छा भाव भी मिल जाता है।
-समय से र्बोआई होने से फसल में नहीं लगता कीड़ा
- खेत खाली होने से दूसरी फसल बोने का भी मिल जाता है समय