{"_id":"5b10588e4f1c1b936e8b5c79","slug":"141527797902-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"121","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
121
Updated Fri, 01 Jun 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुखरायां। भोगनीपुर के अहरौलीशेख मोड़ के पास किसानसेवा आश्रम गली निवासी सीबीएसई 10वीं कक्षा के छात्र ने कम अंक आने पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। छात्र की मौत पर घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि उसके 55 प्रतिशत अंक आने से वह काफी तनाव में था।
अहरौलीशेख मोड़ निवासी जंगलीप्रसाद ने बताया कि उसके तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा शिवकुमार(14) जो पुखरायां के एक एकेडमी सेंटर में पढ़ रहा था। मंगलवार को परीक्षा परिणाम आया तो शिवकुमार के सिर्फ 55 प्रतिशत अंक मिले। इस पर वह काफी मायूस था। इसके बावजूद घरवालों ने आगे बेहतर परिणाम लाने की बात कहकर उसका हौसला बढ़ाया।
बुधवार की देर शाम घर में कोई नहीं था। मां कुसमा देवी कस्बे में बाजार चली गई थी। उसी समय शिवकुमार ने जहर खा लिया। जब परिवार वाले घर लौटे तो शिवकुमार की हालत काफी बिगड़ चुकी थी। उसे सीएचसी लेकर गए, जहां से डाक्टरों ने जहर खाने की बात कहकर उसे जिला अस्पताल भेज दिया। वहां से उसे कानपुर हैलट कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। चौकी इंचार्ज उमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। पिता की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अहरौलीशेख मोड़ निवासी जंगलीप्रसाद ने बताया कि उसके तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा शिवकुमार(14) जो पुखरायां के एक एकेडमी सेंटर में पढ़ रहा था। मंगलवार को परीक्षा परिणाम आया तो शिवकुमार के सिर्फ 55 प्रतिशत अंक मिले। इस पर वह काफी मायूस था। इसके बावजूद घरवालों ने आगे बेहतर परिणाम लाने की बात कहकर उसका हौसला बढ़ाया।
विज्ञापन
बुधवार की देर शाम घर में कोई नहीं था। मां कुसमा देवी कस्बे में बाजार चली गई थी। उसी समय शिवकुमार ने जहर खा लिया। जब परिवार वाले घर लौटे तो शिवकुमार की हालत काफी बिगड़ चुकी थी। उसे सीएचसी लेकर गए, जहां से डाक्टरों ने जहर खाने की बात कहकर उसे जिला अस्पताल भेज दिया। वहां से उसे कानपुर हैलट कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। चौकी इंचार्ज उमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। पिता की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन