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सिखमापुर में अवैध शराब बनाने का कारखाना पकड़ा
Updated Sun, 27 May 2018 12:40 AM IST
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पुखरायां। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के सिखमापुर में शनिवार को नोनापुर रोड स्थित एक मकान में पुलिस ने छापामार कर अवैध रूप से देसी शराब बनाने का कारखाना पकड़ा। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जबकि दो लोग फरार हो गए। वहीं, मौके से भारी मात्रा में शराब बनाने का केमिकल, ढक्कन, शीशी और पैकिंग मशीन बरामद की गई। इस दौरान 265 क्वार्टर प्रतिबंधित बैच की देसी शराब बरामद की गई। पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय ने पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की। शराब की सप्लाई क्षेत्र और क्षेत्र के बाहर की जाती थी।
बरौर थाना इंजार्ज शिवकुमार राठौर ने बताया कि सिखमापुर गांव में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी में पुखरायां चौकी इंचार्ज उमेशचंद्र शर्मा को पुलिस फोर्स को साथ लेकर गए थे। गांव में नोनापुर रोड किनारे एक मकान में शराब का कारोबार संचालित होने की जानकरी पर दबिश दी गई। घर के अंदर शराब का बनाने का कारखाना पकड़ा गया। मौके से गजेंद्र नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। जबकि दो व्यक्ति बीरेंद्र और धर्मेंद्र उर्फ दरोगा फरार हो गए। तीनों शराब का निर्माण कर रहे थे।
बताया कि मकान धर्मेंद्र उर्फ दरोगा का ही है। मौके पर 323 और 442 बैच नंबर की माधुरी ब्रांड अवैध शराब के 265 क्वार्टर। 128 क्वार्टर खाली शीशी, 844 रैपर, 586 ढक्कन, 150 लीटर स्प्रिट, दो लीटर कैरामल और पैकिंग मशीन बरामद हुई जिसको कब्जे में लिया गया। पकड़े गए आरोपी ने पुलिस को कई राज बताए हैं। पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय ने बताया कि सिखमापुर में जहरीली शराब बनाने का कारखाना कई महीने से चल रहा था। इस तरह की छापेमारी जारी रहेगी। अवैध शराब का कारोबार नहीं होने दिया जाएगा। शराब ठेकों में भी आबकारी अधिकारी के साथ छापेमारी जारी रखी जाएगी। उन्होंने पैकिंग मशीन से शराब पैक कराकर देखी।
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मालूम हो कि कानपुर नगर और कानपुर देहात में अवैध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसना शुरू किया है। स्थानीय लोगों का कहना है अवैध शराब के कारोबार की किसी को भनक तक नहीं लगी। इतना जरूर था कि इस मकान में लग्जरी कारों का आना जाना रहता था। बताया जिन लोगों को पकड़ा गया है वह अकेले यह धंधा नहीं कर सकते। इसके पीछे किसी पहुंच वाले सक्षम लोगों का हाथ होना निश्चित है। पुलिस ने भागे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी में दबिश तेज कर दी है।
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बरौर थाना इंजार्ज शिवकुमार राठौर ने बताया कि सिखमापुर गांव में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी में पुखरायां चौकी इंचार्ज उमेशचंद्र शर्मा को पुलिस फोर्स को साथ लेकर गए थे। गांव में नोनापुर रोड किनारे एक मकान में शराब का कारोबार संचालित होने की जानकरी पर दबिश दी गई। घर के अंदर शराब का बनाने का कारखाना पकड़ा गया। मौके से गजेंद्र नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। जबकि दो व्यक्ति बीरेंद्र और धर्मेंद्र उर्फ दरोगा फरार हो गए। तीनों शराब का निर्माण कर रहे थे।
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बताया कि मकान धर्मेंद्र उर्फ दरोगा का ही है। मौके पर 323 और 442 बैच नंबर की माधुरी ब्रांड अवैध शराब के 265 क्वार्टर। 128 क्वार्टर खाली शीशी, 844 रैपर, 586 ढक्कन, 150 लीटर स्प्रिट, दो लीटर कैरामल और पैकिंग मशीन बरामद हुई जिसको कब्जे में लिया गया। पकड़े गए आरोपी ने पुलिस को कई राज बताए हैं। पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय ने बताया कि सिखमापुर में जहरीली शराब बनाने का कारखाना कई महीने से चल रहा था। इस तरह की छापेमारी जारी रहेगी। अवैध शराब का कारोबार नहीं होने दिया जाएगा। शराब ठेकों में भी आबकारी अधिकारी के साथ छापेमारी जारी रखी जाएगी। उन्होंने पैकिंग मशीन से शराब पैक कराकर देखी।
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मालूम हो कि कानपुर नगर और कानपुर देहात में अवैध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसना शुरू किया है। स्थानीय लोगों का कहना है अवैध शराब के कारोबार की किसी को भनक तक नहीं लगी। इतना जरूर था कि इस मकान में लग्जरी कारों का आना जाना रहता था। बताया जिन लोगों को पकड़ा गया है वह अकेले यह धंधा नहीं कर सकते। इसके पीछे किसी पहुंच वाले सक्षम लोगों का हाथ होना निश्चित है। पुलिस ने भागे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी में दबिश तेज कर दी है।