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चुनाव में मुसीबत बन सकते हैं 125 लापता असलहे
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कानपुर देहात। चुनाव के चलते असलहे जमा कराए जा रहे हैं। पुलिस के सत्यापन में खुलासा हुआ कि अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में 125 लाइसेंस धारक असलहे लेकर गायब हैं। पते पर लाइसेंस धारक नहीं मिले हैं। ऐसे में पुलिस का सिरदर्द बढ़ गया है। इनके विरुद्ध अकबरपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में कुल 2011 लाइसेंस धारक हैं। इनमें से 125 लाइसेंस धारकों से पुलिस का संपर्क नहीं हो पा रहा है। लाइसेंस धारक सूची में दर्ज पते के पर रहते नहीं है। उनके गांव के लोगों ने उन्हें जानने से इंकार किया है। ऐसे में पुलिस की मुसीबत और बढ़ गई है। अब पुलिस उनके शस्त्रों के दुरुपयोग होने की आशंका जता रही है। पुलिस ने पता छिपाकर लाइसेंस की शर्ताें का उल्लंघन मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें लालपुर चौकी इंचार्ज नसीम खान ने बदलापुर के तेज सिंह, छोटेलाल, इस्लामुद्दीन, मोहम्मद महोन, हितेश, जगजीवनराम, रक्षपाल सिंह, कृपाशंकर सिंह, माती किशुनपुर के बड़े सिंह, राजनाथ सिंह, विनीत कुमार, रूप सिंह पर आयुध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसी तरह बारा चौकी इंचार्ज कौशल किशोर, जैनपुर चौकी इंचार्ज व कोतवाली के उप निरीक्षक राहुल कुमार की तहरीर पर कुल 125 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है।
खंगाली जाएंगी आवेदन पत्रावलियां
असलहे ढूंढने के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र का सहारा लेना शुरू किया है। लापता लोगों के बाबत जानकारी जुटाने के लिए बीट के सिपाहियों को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही इनकी पत्रावली खंगालने की भी पुलिस तैयारी कर रही है। शस्त्र आवेदन के दौरान पहचान के लिए दो लाइसेंस धारकों के शपथ पत्र लगाए जाते हैं। अब पुलिस पहचान करने वालों की तलाश करेगी। साथ ही पुलिस इनके मोबाइल नंबरों को सर्विलांस में लगाकर भी जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी। शस्त्र दुरुपयोग की स्थिति में मोबाइल नंबर बदल लेने की आशंका जताई जा रही है। इससे पुलिस को मुखबिर तंत्र पर ही अधिक भरोसा हो रहा है।
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बाहर के लोगों ने आकर बनवाए लाइसेंस
सत्यापन में लाइसेंस धारक दिए गए पते पर नहीं मिले तो प्रथमदृष्टया अंदाजा ये लगाया जा रहा है कि बाहर के लोगों ने पता बदल कर यहां से लाइसेंस बनवा लिया। पुलिस का मानना है कि इन असलहों का दुरुपयोग किया जा रहा होगा। पता बदलकर लाइसेंस लेने वालों के बाबत पुलिस का कहना है इनका संबंधित जिले में आपराधिक इतिहास रहा होगा। इससे वहां से लाइसेंस न मिलने पर जिले में सांठगांठ कर लाइसेंस बनवाया गया है। अब इनके नवीनीकरण के बाबत भी जानकारी जुटाई जाएगी। हालांकि इनके विरुद्ध एफआईआर करके निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बिना आल इंडिया परमिट लिए शस्त्र लेकर बाहर रहने वालों पर रिपोर्ट कराई गई है।
बिना आल इंडिया परमिट के शस्त्र लेकर बाहर रहने वाले व दिए गए पते पर निवास न करने वाले लाइसेंस धारकों को चिह्नित कर एफआईआर कराई जा रही है। अकबरपुर कोतवाली में सौ से अधिक लोगों के नाम सामने आए हैं। संबंधित हल्का व चौकी प्रभारियों की तरफ से उनके विरुद्ध एफआईआर कराई गई है। अन्य थानों में भी ये काम चल रहा है।
- घनश्याम चौरसिया, एएसपी/नोडल अफसर चुनाव
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अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में कुल 2011 लाइसेंस धारक हैं। इनमें से 125 लाइसेंस धारकों से पुलिस का संपर्क नहीं हो पा रहा है। लाइसेंस धारक सूची में दर्ज पते के पर रहते नहीं है। उनके गांव के लोगों ने उन्हें जानने से इंकार किया है। ऐसे में पुलिस की मुसीबत और बढ़ गई है। अब पुलिस उनके शस्त्रों के दुरुपयोग होने की आशंका जता रही है। पुलिस ने पता छिपाकर लाइसेंस की शर्ताें का उल्लंघन मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें लालपुर चौकी इंचार्ज नसीम खान ने बदलापुर के तेज सिंह, छोटेलाल, इस्लामुद्दीन, मोहम्मद महोन, हितेश, जगजीवनराम, रक्षपाल सिंह, कृपाशंकर सिंह, माती किशुनपुर के बड़े सिंह, राजनाथ सिंह, विनीत कुमार, रूप सिंह पर आयुध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसी तरह बारा चौकी इंचार्ज कौशल किशोर, जैनपुर चौकी इंचार्ज व कोतवाली के उप निरीक्षक राहुल कुमार की तहरीर पर कुल 125 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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खंगाली जाएंगी आवेदन पत्रावलियां
असलहे ढूंढने के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र का सहारा लेना शुरू किया है। लापता लोगों के बाबत जानकारी जुटाने के लिए बीट के सिपाहियों को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही इनकी पत्रावली खंगालने की भी पुलिस तैयारी कर रही है। शस्त्र आवेदन के दौरान पहचान के लिए दो लाइसेंस धारकों के शपथ पत्र लगाए जाते हैं। अब पुलिस पहचान करने वालों की तलाश करेगी। साथ ही पुलिस इनके मोबाइल नंबरों को सर्विलांस में लगाकर भी जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी। शस्त्र दुरुपयोग की स्थिति में मोबाइल नंबर बदल लेने की आशंका जताई जा रही है। इससे पुलिस को मुखबिर तंत्र पर ही अधिक भरोसा हो रहा है।
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बाहर के लोगों ने आकर बनवाए लाइसेंस
सत्यापन में लाइसेंस धारक दिए गए पते पर नहीं मिले तो प्रथमदृष्टया अंदाजा ये लगाया जा रहा है कि बाहर के लोगों ने पता बदल कर यहां से लाइसेंस बनवा लिया। पुलिस का मानना है कि इन असलहों का दुरुपयोग किया जा रहा होगा। पता बदलकर लाइसेंस लेने वालों के बाबत पुलिस का कहना है इनका संबंधित जिले में आपराधिक इतिहास रहा होगा। इससे वहां से लाइसेंस न मिलने पर जिले में सांठगांठ कर लाइसेंस बनवाया गया है। अब इनके नवीनीकरण के बाबत भी जानकारी जुटाई जाएगी। हालांकि इनके विरुद्ध एफआईआर करके निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बिना आल इंडिया परमिट लिए शस्त्र लेकर बाहर रहने वालों पर रिपोर्ट कराई गई है।
बिना आल इंडिया परमिट के शस्त्र लेकर बाहर रहने वाले व दिए गए पते पर निवास न करने वाले लाइसेंस धारकों को चिह्नित कर एफआईआर कराई जा रही है। अकबरपुर कोतवाली में सौ से अधिक लोगों के नाम सामने आए हैं। संबंधित हल्का व चौकी प्रभारियों की तरफ से उनके विरुद्ध एफआईआर कराई गई है। अन्य थानों में भी ये काम चल रहा है।
- घनश्याम चौरसिया, एएसपी/नोडल अफसर चुनाव