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प्लास्टिक धागा फैक्टरी में आग से 125 करोड़ का नुकसान

Sun, 06 Jun 2021 01:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jun 2021 01:18 AM IST
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125 crore loss due to fire in plastic thread factory
रनियां (कानपुर देहात)। क्षेत्र के रायपुर स्थित प्लास्टिक धागा बनाने वाली जीपीएल फैक्टरी में शुक्रवार भोर शार्ट सर्किट से लगी आग से करीब 125 करोड़ का नुकसान हुआ है। हालांकि मशीनरी, तैयार व कच्चा माल और इमारत आदि के नुकसान का अलग-अलग आकलन होना बाकी है।
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औद्योगिक क्षेत्र रनियां के रायपुर में प्लास्टिक धागा बनाने वाली फैक्टरी गणेशा ईको स्पेयर प्राइवेट लिमिटेड में शुक्रवार भोर 3:15 बजे शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई थी। परिसर में काम कर रहे 50 मजदूर चिल्लाते हुए बाहर भाग निकले थे। ऑक्सीजन व एलपीजी सिलिंडरों के धमाके सुनकर लोग दहशतजदा हो गए थे। गनीमत रही कि कोई फटते सिलिंडर की चपेट में नहीं आया।
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इधर कानपुर के दो और जिले के पांच फायर टैंकर व एक फ्लोट पंप की मदद से आठ घंटे की मशक्कत के बाद आग काबू की जा सकी थी। फैक्टरी प्रबंधक कानपुर के विष्णुपुरी निवासी शरद शर्मा ने करोड़ों का नुकसान होने की बात कही थी।
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आग बुझने के बाद शनिवार को आग की भयावहता दिखी। इधर दोपहर में कानपुर से आई फाइनेंस टीम ने फैक्टरी में आग से हुआ नुकसान देखा। इसके बाद नुकसान का आकलन किया। टीम के अनुसार आग से करीब 125 करोड़ का नुकसान हुआ है।
फाइनेंस टीम ने आग लगने से करीब 125 करोड़ का नुकसान होने की बात कही है। मशीनरी, तैयार व कच्चा माल व इमारत का अलग-अलग नुकसान का आकलन होना बाकी है। -एसएस शेेखावत, मैनेजर जीपीएल फैक्टरी
फैक्टरी में आग से फटे मिले छह सिलिंडर
रनियां। जीपीएल फैक्टरी में शनिवार को जांच में सामने आया कि आग लगने के बाद परिसर में रखे चार ऑक्सीजन व दो एलपीजी सिलिंडर फट गए थे। इन सिलिंडरों का मलबा भी मिला है। फैक्टरी में एलपीजी व ऑक्सीजन सिलिंडर का स्टाक वेल्डिंग व टूट फूट की मरम्मत के लिए रखा जाता था। शुक्रवार को आग लगने पर परिसर में रखे सिलिंडर फटने से शेड उड़ गया और दीवार ढह गई थी।
गनीमत रही कि कोई फटते सिलिंडर की चपेट में नहीं आया। शनिवार को जांच में छह सिलिंडर फटे मिले हैं। हालांकि परिसर में अभी कच्चा व तैयार माल का मलबा हटाने का काम नहीं हो सका। ऐसे में अभी आग लगने से फटे और कितने सिलिंडर मलबे में दबे हैं। यह पूरी तरह साफ नहीं हो सका है। फैक्टरी कर्मियों ने मलबे में और सिलिंडर दबे होने की आशंका जताई गई है।
सुरक्षित बची यूनिट में मजदूरों को किया जाएगा समायोजित
रनियां। आग लगने से जीपीएल फैक्टरी की गर्म कच्चा माल ठंडा करने वाली व धागा बनाने वाली यूनिटें पूरी तरह से जल गई। इन दोनों यूनिटों में काम करने वाले करीब दो सौ मजदूरों को सुरक्षित बची कच्चा माल तैयार करने वाली यूनिट में समायोजित किया जाएगा। यह बात फैक्टरी के मैनेजर ने कही है। फैक्टरी मैनेजर एसएस शेखावत ने बताया कि फैक्टरी की तीन यूनिट में करीब पांच सौ मजदूर काम करते हैं।

दो यूनिट आग से तबाह होने पर करीब तीन सौ मजदूरों का काम छिनने की नौबत आ गई है। फिलहाल ये दोनों यूनिट जल्द चलना संभव नहीं है। फैक्टरी पूरी तरह से संचालन में करीब छह माह का वक्त लगेगा। फिलहाल सौ मजदूरों को कच्चा माल तैयार करने वाली यूनिट और सौ मजदूरों को वाशिंग प्लांट में समायोजित किया जाएगा। करीब सौ मजदूरों की छंटनी होगी।
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