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एनजीटी मानीटरिंग कमेटी की सदस्य ने देखा प्रदूषण का हाल
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उन्नाव। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने और कुंभ स्नान को लेकर प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों का हकीकत परखने के लिए बुधवार को एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की मानीटरिंग कमेटी की सदस्य डा. अनिता राय ने जिले का दौरा किया। डीएम के साथ बैठक के बाद सिटी ड्रेन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जलनिगम, प्रदूषण विभाग के अधिकारी भी साथ रहे। उन्होंने नमामि गंगे परियोजना के तहत तैयार की गई कार्ययोजना की भी जानकारी ली।
न्यायमूर्ति अरुण टंडन की अध्यक्षता में गठित मानीटरिंग कमेटी की सदस्य डा. अनिता राय ने जलनिगम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का साथ बदरका-अचलगंज (आजाद मार्ग) पुल पर नाले के पानी की गुणवत्ता का सर्वेक्षण किया। इसके बाद मजरा घाट (यहां सिटी ड्रेन गंगा नदी में मिलती है) में नाले के पानी को देखा और सैंपल लिया। उन्होंने स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा नमामि गंगे परियोजना के तहत जल निगम द्वारा घासिलपुरवा में कराए जा रहे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के पास जल शोधन के लिए किए जा रहे बायोरेमेडिएशन कार्य भी देखा।
निरीक्षण के बाद उन्होंने डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय से मिलकर गंगा प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि सिटी ड्रेन का पानी गंगा तक पहुंच रहा था। 15 दिसंबर से इस ड्रेन में पानी बहाने वाले उद्योगों और औद्योगिक क्षेत्र बंथर स्थित सीईटीपी को बंद करा दिया गया है। डीएम ने उन्हें बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप गंगा नदी की निर्मलता के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। इसपर मानीटरिंग कमेटी सदस्य ने जिला प्रशासन के कदम को सराहा।
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अनुश्रवण समिति ने देखा सीईटीपी व फैक्टरियां
कुंभ स्नान के लिए गंगा को प्रदूषण से मुक्त रखने की कवायद में बुधवार को जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति ने बंथर स्थित सीईटीपी का निरीक्षण किया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने सबसे पहले बंथर स्थित सीईटीपी का निरीक्षण किया। फैक्ट्रियों में उत्पादन बंद होने की वजह से सीईटीपी में पानी का इनलेट व आउटलेट बंद मिला। उन्होंने लोनी ड्रेन और फैक्टरियों में का भी निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्टरियों में उत्पादन हो रहा है या नहीं इसकी भी जानकारी ली। निरीक्षण में 25 फैक्ट्रियों में जीरो डिस्चार्ज मिला। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने बताया कि निरीक्षण में किसी तरह की कमी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। कमी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-तीन स्थानों पर जांचा सिटी ड्रेन का पानी, गंगा में जा रहा पानी भी देखा
-कुंभ स्नान के चलते 52 फैक्टरियों व बंथर सीईटीपी की बंदी को सराहा
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न्यायमूर्ति अरुण टंडन की अध्यक्षता में गठित मानीटरिंग कमेटी की सदस्य डा. अनिता राय ने जलनिगम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का साथ बदरका-अचलगंज (आजाद मार्ग) पुल पर नाले के पानी की गुणवत्ता का सर्वेक्षण किया। इसके बाद मजरा घाट (यहां सिटी ड्रेन गंगा नदी में मिलती है) में नाले के पानी को देखा और सैंपल लिया। उन्होंने स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा नमामि गंगे परियोजना के तहत जल निगम द्वारा घासिलपुरवा में कराए जा रहे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के पास जल शोधन के लिए किए जा रहे बायोरेमेडिएशन कार्य भी देखा।
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निरीक्षण के बाद उन्होंने डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय से मिलकर गंगा प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि सिटी ड्रेन का पानी गंगा तक पहुंच रहा था। 15 दिसंबर से इस ड्रेन में पानी बहाने वाले उद्योगों और औद्योगिक क्षेत्र बंथर स्थित सीईटीपी को बंद करा दिया गया है। डीएम ने उन्हें बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप गंगा नदी की निर्मलता के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। इसपर मानीटरिंग कमेटी सदस्य ने जिला प्रशासन के कदम को सराहा।
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अनुश्रवण समिति ने देखा सीईटीपी व फैक्टरियां
कुंभ स्नान के लिए गंगा को प्रदूषण से मुक्त रखने की कवायद में बुधवार को जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति ने बंथर स्थित सीईटीपी का निरीक्षण किया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने सबसे पहले बंथर स्थित सीईटीपी का निरीक्षण किया। फैक्ट्रियों में उत्पादन बंद होने की वजह से सीईटीपी में पानी का इनलेट व आउटलेट बंद मिला। उन्होंने लोनी ड्रेन और फैक्टरियों में का भी निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्टरियों में उत्पादन हो रहा है या नहीं इसकी भी जानकारी ली। निरीक्षण में 25 फैक्ट्रियों में जीरो डिस्चार्ज मिला। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने बताया कि निरीक्षण में किसी तरह की कमी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। कमी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-तीन स्थानों पर जांचा सिटी ड्रेन का पानी, गंगा में जा रहा पानी भी देखा
-कुंभ स्नान के चलते 52 फैक्टरियों व बंथर सीईटीपी की बंदी को सराहा