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रेलवे ने खाली कराई जमीन
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:01 AM IST
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उरई। रेलवे अधिकारियों ने आरपीएफ के सहयोग से अभियान चलाकर अपनी करीब 12 हजार वर्गफुट जमीन खाली कराई। इसकी कीमत करीब छह करोड़ रुपये आंकी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब अभियान सख्ती से चलाया जाएगा। रेलवे की जमीन को अतिक्रमणकारियों को मुक्त कराया जाएगा। अधिकारियों से अनुमति के बाद इन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
जूही (कानपुर) से आए चीफ आईओडब्ल्यू एके गुप्ता, एसएसई नंदराम व आरपीएफ के उपनिरीक्षक रजनीश राय ने आरपीएफ स्टाफ व आईओडब्लू स्टाफ लेकर रेलवे के मालगोदाम के सामने लंबे समय से रेलवे की भूमि पर कब्जा किए लोगों को बेदखल करने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। रेलवे की चाहरदीवारी के अंदर व बाहर लोगों ने गिट्टी, मोरंग, ईंटे आदि डालकर कब्जा कर लिया था। बुधवार को उसे हटाया गया। चीफ आईओडब्लू एके गुप्ता ने बताया कि बुधवार को चले अभियान में करीब 12 हजार वर्गफुट जमीन खाली कराई गई है। इसकी अनुमानित लागत करीब छह करोड़ रुपये है।
इन लोगों ने अस्थायी रूप से अपना कब्जा जमा लिया था। इन्हें हटाया गया और चेतावनी दी गई कि यदि आगे अतिक्रमण किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान जारी रहेगा। साथ ही जिन लोगों ने भी पक्के अतिक्रमण कर लिए हैं, उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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रेलवे की जमीन पर लगने वाली बालू मंडी अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू होने से पहले ही गायब हो गई है। वहां खड़े होने वाले दर्जनों ट्रैक्टर गायब हो गए। बताया जाता है कि किसी व्यक्ति ने रेल अधिकारियों को अतिक्रमण व बालू मंडी की शिकायत भेजी थी। इसके बाद यह अभियान चलाया गया।
-अधिकारियों ने आरपीएफ के साथ मिलकर चलाया अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
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जूही (कानपुर) से आए चीफ आईओडब्ल्यू एके गुप्ता, एसएसई नंदराम व आरपीएफ के उपनिरीक्षक रजनीश राय ने आरपीएफ स्टाफ व आईओडब्लू स्टाफ लेकर रेलवे के मालगोदाम के सामने लंबे समय से रेलवे की भूमि पर कब्जा किए लोगों को बेदखल करने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। रेलवे की चाहरदीवारी के अंदर व बाहर लोगों ने गिट्टी, मोरंग, ईंटे आदि डालकर कब्जा कर लिया था। बुधवार को उसे हटाया गया। चीफ आईओडब्लू एके गुप्ता ने बताया कि बुधवार को चले अभियान में करीब 12 हजार वर्गफुट जमीन खाली कराई गई है। इसकी अनुमानित लागत करीब छह करोड़ रुपये है।
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इन लोगों ने अस्थायी रूप से अपना कब्जा जमा लिया था। इन्हें हटाया गया और चेतावनी दी गई कि यदि आगे अतिक्रमण किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान जारी रहेगा। साथ ही जिन लोगों ने भी पक्के अतिक्रमण कर लिए हैं, उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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रेलवे की जमीन पर लगने वाली बालू मंडी अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू होने से पहले ही गायब हो गई है। वहां खड़े होने वाले दर्जनों ट्रैक्टर गायब हो गए। बताया जाता है कि किसी व्यक्ति ने रेल अधिकारियों को अतिक्रमण व बालू मंडी की शिकायत भेजी थी। इसके बाद यह अभियान चलाया गया।
-अधिकारियों ने आरपीएफ के साथ मिलकर चलाया अभियान
अमर उजाला ब्यूरो